आखिर वृद्धावस्था में क्यों लोग अपने आप को अकेला महसूस करते हैं ?जानते हैं नज़्म सुभाष के द्वारा लिखी गई कहानी” कबाड़ “,पल्लवी की आवाज में
अचानक रात को संजीव के पास एक अनजान नंबर से मैसेज आने शुरू होते हैं |मैसेज करने वाली लड़की का दावा है कि वह संजीव से प्यार करती है और 10 साल से उसका इंतजार कर रही है |किंतु संजीव ऐसी किसी भी लड़की को नहीं जानता है कौन है वह अनजान लड़की ?और आगे कहानी में क्या होता है ?जानने के लिए सुनते हैं नज़्म सुभाष की लिखी हुई कहानी किसी नज़र को तेरा,अमित तिवारी की आवाज़ में….
नज्म सुभाष जी की लिखी कहानी अधूरी ख्वाहिश, बड़े ही खूबसूरत अंदाज़ से उमरावजान, जिनके हुस्न और अदाओं के लाखों दीवाने थे, उनके दर्द और उनके मन में दफन हो चुकी ख्वाहिशों का सजीव चित्रण करती है । पल्लवी गर्ग की खूबसूरत आवाज़ में..
सांप्रदायिकता की आग में जलकर बिछड़ चुके दो दोस्त, उनमें से एक का आखिरी समय आता है, तब वह 20 साल बाद दोबारा मिलते हैं |यह कहानी उस आखिरी वक्त की मुलाकात का सजीव एवं दिल को छू ले जाने वाला चित्रण है| नज़्म सुभाष के द्वारा लिखी गई कहानी “वक्त”, पल्लवी की आवाज में…
हीराबाई को नवाब साहब से बेगम के कनफूल नही चाहिए थे नज़राने के तौर पे। उसने एक छोटा सा नज़राना माँगा… नवाब साहब खुशी खुशी तैयार भी हो गए वो नज़राना देने को….. ….पर हीराबाई ने ऐसा क्या माँग लिया, जिस फ़रमाइश को सुनकर नवाब साहब के पैरों तलें ज़मीन खिस
अजीब सी टीस उठती है नज़ीरन के मन मे ये सोच के की शायद उसी की एक छोटी सी गलती से कैसे उसकी प्यार भरी ज़िन्दगी में जलजला आया और एक पल में उसका सब कुछ छिन गया… पर जो कुछ हुआ, क्या वाकई वो नज़ीरन कि गलती थी.???
जीभी – संजय शेफर्ड – पल्लवी
शांत वातावरण, पहाड़ी पक्षियों के मधुर गीत , ऊंचे -ऊंचे देवदार के वृक्ष और एक छोटी सी जगह, अगर आप ऐसे किसी प्राकृतिक दृश्य की तलाश में हों, जो किसी भी पर्यटक को अपना कायल बना दे, तो आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं घुमंतू की नयी Travel story में जानिए ऐसी ही एक जगह, कुल्लू के पास छोटा सा गांव जीभी के बारे मे Sanjay Shepherd की travel story से Pallavi की आवाज़ में सिर्फ़ गाथा पर…
अजीब सी टीस उठती है नज़ीरन के मन मे ये सोच के की शायद उसी की एक छोटी सी गलती से कैसे उसकी प्यार भरी ज़िन्दगी में जलजला आया और एक पल में उसका सब कुछ छिन गया… पर जो कुछ हुआ, क्या वाकई वो नज़ीरन कि गलती थी.???
पुदुचेरी जो पांडिचेरी के नाम से भी जाना जाता है ।भारत के दक्षिण का एक केंद्र शासित प्रदेश का एक शहर है। आज भी फ्रांसीसी संस्कृति की झलक यहां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां के प्राकृतिक दृश्य, खूबसूरत समुद्री तट ,यहां की संस्कृति यह सारी बातें पर्यटकों को अपने मोह में बांध लेने के लिए काफी है ।शांति की तलाश में पर्यटकों की पहली पसंद के लिए वाले जाना जाने वाला यह शहर और उसके आसपास के कई पर्यटक स्थलों के बारे में क्या आप ऐसे खूबसूरत जगह के बारे में और नहीं जानना चाहेंगे, तो सुनिए घुमंतू की श्रृंखला से संजय शेफर्ड की डायरी सै भारत की फ्रेंच कैपिटल पुदुचेरी और शांत समुद्र का किनारा ,पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
अगर अपने प्रेमी से मिलन संसार की सबसे सुखद अनुभूति है उसी प्रकार अपने प्रेमी से हमेशा का विछोह सबसे दुखद अनुभूति होती है। राधा-कृष्ण के विछोह के प्रसंग से संबंधित ये पंक्तियां उसी पीड़ा का अनुभव कराती हैं। *कृष्ण- राधा के विछोह से संबंधित कोई चित्र
प्रकृति जैसे मानो अपनी सारी माया लुटा रही हो हसीन पहाड़ी वादियां ,नदी, घाटियां, झीलें .. क्या कुछ नहीं दिया है यहां पर प्रकृति ने? जिसकी खूबसूरती का एहसास ही किसी को भी रोमांचित कर सकता है ।घुमंतू की श्रंखला में भारत के प्रमुख उत्तर- पूर्वी भागों के चुनिंदा और सबसे खास स्थानों को बेहद खूबसूरती से वर्णन किया है संजय शेफर्ड ने और उसे उतने ही सुंदर अंदाज में आवाज़ दी है पल्लवी गर्ग ने.. यह दावा है कि एक बार आपने इसके बारे में सुन लिया तो आप वहां अपने आप को जाने से नहीं रोक सकेंगे..
सुन्दरी – रवींद्र कालिया – विनीता श्रीवास्तव
ज़हीर मियाँ के बड़े से कुम्बे का भरण -पोषण ‘सुंदरी’ के जरिए ही हो रहा है। वही उनके घर की एकमात्र आमदनी का साधन भी है ।अब ऐसे में सुंदरी ही रूठ जाए या नखरे दिखाने लगे तो इतने बड़े कुम्बे का ख़र्चा कौन उठाएगा ?अब सुंदरी को मनाने के लिए ज़हीर मियाँ का परिवार कौन-कौन से पापड़ बेलता है? और भाई आखिर यह सुंदरी है कौन? इसे बेहद रोचक ढंग से कहानी में बताया गया है जो कभी आपको हंसाएगी और कभी आपको इमोशनल भी कर देगी। रवींद्र कालिया के द्वारा लिखी गई कहानी सुनिए सुंदरी, विनीता श्रीवास्तव की आवाज़ में
प्रेम में छली गयी स्त्री – ये कहानी है एक अत्यंत सुंदर युवती निम्मी की .. जो वर्षों बाद एक विवाह में शामिल होने वापस अपने घर जा रही है । रास्ते में ट्रेन में उसकी सहयात्री निकलती है उसके बचपन की सखी और फिर याद आती है वो सब बातें जो उस भाग्यवान रूपवती के विवाह निश्चित होने और उसके टूटने की कई घटनाओं से जुड़ी थी । … निम्मी की सहेली ने उसे ऐसा क्या बताया की निम्मी ने आधे रास्ते से ही वापसी कर ली। क्यों नहीं जा पायी निम्मी फिर उस घर में वापस ….
दर्द सहने की भी एक सीमा होती है |जब दर्द हद से ज्यादा बढ़ जाता है , तो इसका एहसास भी धीरे-धीरे खत्म हो जाता है |ऐसी स्थिति भी आती है इसकी पीड़ा के कारण हम कठोर हो जाते हैं
“मेरे घर से बाहर के रास्ते में कई बाजार और गलियां पड़ती थी | जहां मेरी आंखों ने देखा कई दिनों से बना पाकिस्तान अब जिंदाबाद हुआ है |” लेखक सआदत हसन मंटो ने हिंदुस्तान -पाकिस्तान बंटवारे के बाद जब पाकिस्तान गए ,तो वहां की स्थिति से रूबरू हुए | जो उन्हें बेहद जो बेहद अचंभित कर देने वाली थी |सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह पूरा वृतांत “सवेरे जो कल मेरी आंख खुली “……
कभी कभी हमारी आँखे कुछ ऐसा देखती है जिसके लिए दिमाग़ के पास कोई तर्क नहीं होता । क्या बच्चों ने जो देखा वो सच था ? जानिए भुपेंद्र डोंगरियल की लिखी कहानी “ रहस्य के सबूत नहीं “
Reviews for: Kabaad (कबाड़)
Average Rating
Ritu Gupta
9336512559
6307461436