कहानी एक इंडिया की टॉप राइट “श्रेया जयेश्वरी की है जो अपने सपने पूरे करने के लिए बारात आने से 1 घंटे पहले घर से भाग जाती है |कहानी के प्रसंग में उसकी मुलाकात आर्मी के एक नौजवान युवक शिखर से होती है इनकी मुलाकात आगे क्या रंग लाती है ?जानने के लिए सुनते हैं सिमरन द्वारा लिखी गई कहानी जो अधूरा रह जाए वही तो इश्क है, निधि मिश्रा की आवाज में
बिन्नी और टीनू की गर्मियों की छुट्टियां हो गई है और दोनों अपने दादा जी के यहां गए हुए हैं| अब दादा जी के यहां मस्ती भरे दिन बिताने के बाद क्या बिन्नी और टीनू को वापस लौटने का मन करेगा? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं संजीव ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी हमें नहीं जाना, निधि मिश्रा की आवाज में
जया एक हिंदुस्तानी महिला है उसके घर के पास किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है.| किंतु उसे वहां का दृश्य मानवीय संवेदना से विहीन वहीं लगता है | किसी भी व्यक्ति के आंख में मृत व्यक्ति के लिए की अश्रु भी नहीं दिखाई दे रहा है| जया यह सब देख कर व्यथित हो रही है |क्या विदेशों में रहने वाले व्यक्ति मानवीय संवेदना से अपेक्षित है अपरिचित है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सुदर्शन प्रियदर्शी द्वारा लिखी गई कहानी अखबार वाला निधि की आवाज में…
जयशंकर प्रसाद जी द्वारा लिखित कहानी, संदेह एक मनोवैग्यानिक कहानी है . जिसमें उन्होंने मनुष्य को मनोविज्ञान को साहित्य के रूप में चित्रण किया है . … रामनिहाल इस संदेह को अपने मन में जगह देते हैं की मनोरमा उससे प्रेम करती है और श्यामा को इस बात पर संदेह है क्योंकि उसे लगता है की मनोरमा रामनिहाल से प्रेम नहीं करती है
अभी भगवान् वशिष्ठजी के वचन पूर्ण भी नहीं हुए थे कि सहसा दौड़ता हुआ एक मनुष्य आकर उनके चरणों पर गिर पड़ा, और कहने लगा-”भगवन्! आप ही इस संसार में ‘ब्रह्मर्षि’ कहलाने के योग्य हैं, लोग मुझे वृथा ही महर्षि कहते हैं। इस पूरी कथा को जाने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी ब्रह्मर्षि ,निधि मिश्रा की आवाज में
गाय के नेत्रों में हिरन के नेत्रों-जैसा विस्मय न होकर आत्मीय विश्वास रहता है। उस पशु को मनुष्य से यातना ही नहीं, निर्मम मृत्यु तक प्राप्त होती है, परंतु उसकी आंखों के विश्वास का स्थान न विस्मय ले पाता है, न आतंक। महादेवी वर्मा जी के द्वारा लिखित प्रसिद्ध कहानियों में से है कहानी गौरा गाय |महादेवी जी के स्नेह पाकर गौरा गाय हष्ट-पुष्ट हो गई थी, किंतु एक समय ऐसा भी आया गौरा अपने बछड़े को छोड़कर सदा के लिए चल बसी |आखिर क्या हुआ था गौरा के साथ ?जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में कहानी गौरा गाय….
कहानी की नायिका को बचपन के दिनों से ही पश्मीना जैसा महंगा साल पहनने का शौक है | किंतु मजबूरी के तहत यह शौक अधूरा रह जाता है| क्या जिंदगी उसको यह शौक पूरा करने का मौका देती है| जानने के लिए सुनते हैं ज्योत्सना सिंह के द्वारा लिखी कहानी पश्मीना…
वह एक दिन हीरा मंडी का रास्ता चौबारा छोड़ कर शाहर के सबसे बड़े होटल फ्लैटी में आ गयी थी। वही शहर था, पर सारा शहर जैसे रातों रात उसका नाम भूल गया हो, सबके मुंह से सुनायी देता था -शाह की कंजरी। गजब का गाती थी। कोई गाने वाली उसकी तरह मिर्जे की सद नहीं लगा सकती थी। इसलिये चाहे लोग उसका नाम भूल गये थे पर उसकी आवाज नहीं भूल सके| शाह की कंजरी के नाम से जाने वाली नीलम महफिलों में गाने बजाने एक युवती है शाहनी जी के बड़े बेटे की शादी में उसे बुलाया जाता है तब शाहनी नीलम के साथ किस प्रकार का बर्ताव करती है अमृता प्रीतम के द्वारा लिखी गई कहानी शाह की कंजरी में …
तिलिस्मी दुनिया जहां बड़े लोग, बड़े व्यापार, बड़ी पार्टियां, बड़ी सुंदरता ,बड़ी मारकाट ,बड़ी सफलता और चकाचौंध कर देने वाली जिंदगी को पाने के लिए इंसान ऐसी नींद के आगोश में चला जाता है कि उसके कारण वह अपने सच्चे रिश्ते, सच्चा प्यार और यहां तक की अपने से भी प्यार करना भूल जाता है |वह समझ नहीं पाता है कि उस नींद के बाहर की दुनिया अब उसके लिए कितनी अजनबी हो चुकी है ?एक आम -इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में आए हुए कई बदलावों को चित्रित करती हुई धीरेंद्र अस्थाना की कहानी नींद के बाहर ,सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में
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