गोपबंधु दास का जन्म 9 अक्टूबर, 1877 को उड़ीसा के पुरी ज़िले में साक्षी गोपाल के निकट सुआंडो नामक गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम दैतारि दास तथा माता का नाम स्वर्णमायी देवी था। इनका सम्बन्ध एक ग़रीब ब्राह्मण परिवार से था। गोपबंधु दास ने पुरी, कटक तथा कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में शिक्षा ग्रहण की थी
1871 की शिकागो फायर, जिसे ग्रेट शिकागो फायर भी कहा जाता है, 8 अक्टूबर से 10 अक्टूबर, 1871 तक जल गई और हजारों इमारतों को नष्ट कर दिया, एक अनुमानित 300 लोगों की मौत हो गई और नुकसान में अनुमानित 200 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ
6 नवंबर 1861 को कनाडा के ओंटारियो में अलमोंटे शहर में जेम्स नाइस्मिथ का जन्म हुआ। उन्होंने मैकगिल यूनिवर्सिटी से शारीरिक शिक्षा में ग्रेजुएशन किया। साल 1959 को स्प्रिंगफील्ड, मैसाचुसेट्स में जेम्स नाइस्मिथ को बास्केटबॉल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। खेल को ऐसे समय में पेश किया गया, जब स्कूलों को अलग कर दिया गया था।
स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र गढ़वाली अपने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए मशहूर रहे। जब अंग्रेजों ने निहत्ते पठानों पर गोली चलाने का आदेश दिया तो वीर चंद्र गढ़वाली ने गोली चलाने से मना किया तो इन्हें फांसी की सज़ा ब्रिटिश हुकूमत ने सुना दी। ‘पेशावर कांड के नायक’ के रूप में प्रसिद्ध वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की स्मृति में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना की शुरुआत की गई।
3 अक्टूबर 2010 में भारत ने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी की ।खेलों के इतिहास में ये एक नई उपलब्धि थी। 1930 में कनाडा के हेमिल्टन शहर में राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत हुई थी ।जिसे 2010 में भव्य तरीके से दिल्ली में आगाज़ किया गया भारत 101 पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहा। 177 पदको के साथ ऑस्ट्रेलिया का प्रथम स्थान रहा।
संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष संस्था का गठन 16 नवम्बर 1945 को हुआ था। इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय, कानून का राज, मानवाधिकार एवं मौलिक स्वतंत्रता हेतु वैश्विक सहमति बने।
कुछ कर दिखाने का सपना,
खुद पर भरोसा और हार न मानने का जज़्बा —
यही वो ताक़त है जो एक आम इंसान को खास बनाती है।
‘आम आदमी की खास कहानी’ उन लोगों की आवाज़ है
जो बिना किसी शोर-शराबे के, बिना बड़े मंच के, सिर्फ़ अपने हौसले और मेहनत के दम पर ज़िंदगी की दिशा बदल देते हैं।
ये कहानियाँ बताती हैं कि हालात कैसे भी हों, अगर इरादा साफ़ हो — तो सफ़र मुमकिन है।
🎧 अगर आप भी कुछ अलग करना चाहते हैं, तो ये कहानियाँ आपके लिए हैं।
आम आदमी की खास कहानी | Gaatha
क्योंकि हर बड़े बदलाव की शुरुआत एक आम इंसान से होती है।
कार्तिक और केशव दोनों मित्र हैं कार्तिक जब आईआईटी की परीक्षा में टॉप करता है तो उसके अंदर कहीं ना कहीं अहंकार आ जाता है और इसी कारण वह केशव से कुछ ऐसा कह देता है जिससे केशव का आत्मविश्वास और भी कम हो जाता है और वह फेल हो जाता है लेकिन हमेशा जीतने वाले को क्या कभी हार का सामना नहीं करना पड़ता और हमेशा हारने वाला क्या कभी जिंदगी में सफल नहीं हो सकता इस बात को दर्शाती है कहानी हार में भी जी जीत है
द्रौपदी स्वाभिमानिनी है। वह अपमान सहन नहीं कर सकती। वह अपना अपमान नारी जाति का अपमान समझती है। वह नारी के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी बात को स्वीकार नहीं कर सकती। वह अन्यायी और अधर्मी पुरुषों से संघर्ष करने वाली है। जानते हैं कैसे ?द्वारिका प्रसाद महेश्वरी के द्वारा लिखी गई सत्य की जीत ( भाग – 2),नयनी दीक्षित की आवाज़ में
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