दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
चट्टानो में आग – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
जासूसी कहानी चट्टानों में आग की पूरी कहानी एक मिलिट्री अफ़सर के इर्द-गिर्द घूमती है ।जो नशीली पदार्थों की तस्करी करने वाला गिरोह है। कर्नल ज़रग़ाम उस गिरोह में जब नहीं शामिल होना चाहता तो उसे धमकियाँ मिलनी शुरू हो जाती है ।ऐसे में परेशान ज़रग़ाम ,कैप्टन फ़ैयाज़ से मदद के लिए लिखता है और कैप्टन फ़ैयाज़ ,इमरान को उसकी मदद के लिए भेजता है क्या इमरान अपनी सूझबूझ से नकली दवाइयां बेचने वाले गिरोह को गिरोह का पर्दाफाश कर पाएगा पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं चट्टानों में आग, नयनी दीक्षित की आवाज में..
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
फरीदी और लियोनार्ड – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी की कहानी फ़रीदी और लियोनार्ड में लियोनार्ड एक बेहद चलाक लेकिन बेहद घटिया किस्म का ब्लैकमेलर है ।जो ब्लैक मेलिंग तक ही नहीं रुकता बल्कि क़त्ल और दूसरे और हथकंडे अपनाने पर भी उतर आता है। कहानी में लियोनार्ड कौन-कौन से हथकंडे आज़माता हैं?फ़रीदी किस प्रकार उसको अपनी गिरफ्त में लेता है ?इस बेहद सनसनीख़ेज़ कहानी को आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
जीवन और मृत्यु – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
इंसान जब पैदा होता है तब यह आनंद की स्थिति होती है, लेकिन क्या जब इंसान मरता है तब भी क्या वह कुछ लोगों के लिए आनंद की स्थिति होती है? क्या जब इंसान मरता है तो क्या यह समाज़ अवसरवादिता में बदल जाता है ।कुछ ऐसे ही तर्ज़ पर है यह कहानी जीवन और मृत्यु और इसे लिखा है फ्रेंच लेखक guy de Maupassantने जो वास्तव में समाज़ के प्रति वास्तविक व्यंग है कि सदियों से मनुष्य समाज अपनी सहूलियत के चलते क्या किसी की मृत्यु का इंतजार भी कर सकता है? कहानी को जिस प्रकार बेहद चुटिले अंदाज़ में लिखा गया है वैसे ही नयनी दीक्षित ने उसी अंदाज़ में अपनी आवाज़ देकर कहानी को पेश किया है।
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
श्रेया और सार्जेंट सलीम सही सलामत गुलमोहर विला पहुंच जाते हैं ।श्रेया को सोहराब उसके फ्लैट जाने से मना कर देता है। सोहराब भेष बदलकर हीरो का व्यापारी बनकर कैप्टन किशन के पास क्यों जाता है ? बार-बार सोहराब का भेष बदलने के पीछे क्या कारण है ? कैप्टन किशन पर क्या सोहराब की नज़र है ?श्रेया को इंस्पेक्टर सोहराब अपनी कोठी पर क्यों रोकना चाहता है? सलीम ,श्रेया से कुछ उगलवाने में क्या कामयाब हुआ? क्या वाकई शेयाली मर चुकी है या उसका कोई डुप्लीकेट था जिसे सलीम ने जंगल में देखा था ऐसे बहुत से राज़ से पर्दा हटाने के लिए सुनते हैं कहानी का यह भाग..
अब तुम्हारे पास कुछ काम- धाम तो है नहीं, बीमार पड़े -पड़े बिस्तर ही तो गर्म करते रहते हो | यह मुर्गी के कुछ अंडे हैं ,ध्यान रखना बिना टूटे-फूटे मुर्गी के इन अंडों को लेटे-लेटे तुम्हें सेना है | गुस्से और गंभीर मुद्रा में ट्योने की पत्नी ने ट्योने से कहा | बेचारा अपाहिज ट्योने के आस-पास उसकी पत्नी ने अंडों को सेने के लिए रख दिया |क्या वाकई एक मुर्गी की तरह बिस्तर पर पड़े -पड़े ट्योने ने उन अंडों को सेने का काम किया? और क्या वाकई उन अंडों से चूजे निकल पाए ? इस बात से ट्योने को किस बात का एहसास हुआ ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी अपाहिज की ममता,नयनी दीक्षित की आवाज में …
दर्वेश जी केअल्फ़ाज़ों ने मानवीय एहसासों को बेहद खूबसूरती से पिरोया है जिसे आवाज दी है नयनी दीक्षित ने
कुएँ का राज – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
200 साल पुरानी एक कोठी, एक बहुत ही पुरानी इमारत और उसके अंदर एक कुआं ।जिसके राज़ को वहां के बाशिंदे आज तक नहीं जान पाए ।ऐसी कौन सी बातें हैं उस कुंए की?जिसे सॉल्व करने के लिए वहाँ पर रहने वाले लोगों को इंस्पेक्टर फ़रीदी की मदद लेनी पड़ी ।घर के अंदर से आती हुई जानवरों की चीखें ,रोज मरते जानवर और फिर आखिरकार एक इंसान ।कुंए के अंदर मिली लाशें, किसी भूत का साया है या किसी की चली हुई चाल और आखिर चली हुई चाल है तो क्यों ?यह सारे राज़ अगर आप जानना चाहते हैं तो सुनिए इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानियों की सीरीज़ कुंए का राज़ नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
हाशना ने एक बार फिर से न्यूड पेंटिंग के.लिये सोहराब के सामने गुहार लगायी । इधर श्रेया के होश उड़ गये जब से बताया गया कि शेयाली की मौत हो चुकी है क्या इन बातों से श्रेया का कोई धागा जुड़ा हुआ है? या फिर इसके पीछे कोई तीसरा आदमी का हाथ है क्या स्याली की मौत के पीछे श्रे? शेयाली की डुप्लीकेट का क्या हुआ ?वह पकड़ी गई कि नहीं? सोहराब हाशना को पेंटिंग दिलवा पाया कि नहीं ?शेयाली के बंगले में किस चीज की चोरी हुई इन सवालों का जवाब पाने के लिए सुनते हैं शोलागढ़ @ 34 किलोमीटर का यह भाग…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
श्रेया और सार्जेंट सलीम सही सलामत गुलमोहर विला पहुंच जाते हैं ।श्रेया को सोहराब उसके फ्लैट जाने से मना कर देता है। सोहराब भेष बदलकर हीरो का व्यापारी बनकर कैप्टन किशन के पास क्यों जाता है ? बार-बार सोहराब का भेष बदलने के पीछे क्या कारण है ? कैप्टन किशन पर क्या सोहराब की नज़र है ?श्रेया को इंस्पेक्टर सोहराब अपनी कोठी पर क्यों रोकना चाहता है? सलीम ,श्रेया से कुछ उगलवाने में क्या कामयाब हुआ? क्या वाकई शेयाली मर चुकी है या उसका कोई डुप्लीकेट था जिसे सलीम ने जंगल में देखा था ऐसे बहुत से राज़ से पर्दा हटाने के लिए सुनते हैं कहानी का यह भाग..
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
कहानी की शुरुआत में जिस शेयाली की मौत की तफ्तीश हो रही है क्या वह जिंदा है? सार्जेंट सलीम ऐसा क्यों कह रहा है कि उसकी शादी शेयाली से कराई जा रही है ?क्या सार्जेंट सलीम के साथ लापता श्रेया का कोई पता चल पाया ?गुफा का क्या रहस्य है? इंस्पेक्टर सोहराब को कौन सा कागज का टुकड़ा मिला था?क्या सार्जेंट सलीम गुफा से निकल सका? ऐसे बहुत से राज़ अभी खुलने बाकी है जिसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी का अगला भाग।
“सरकारी वकील: जज साहब, कार्ल बोल्ट ही अपनी पत्नी का असली कातिल है। जिंक और बोल्ट के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और बोल्ट ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी का कत्ल कर दिया।
कार्ल बोल्ट: जज साहब, मैं बेकसूर हूं।
युवक: जज साहब, मैं कार्ल बोल्ट के घर गया था। वह टीवी पर मूवी देखते-देखते सो गया था। वह कैसे कर सकता है अपनी पत्नी का कत्ल?
वह युवक झूठी गवाही देकर अपनी एक्स वाइफ के प्रेमी कार्ल बोल्ट को कत्ल के इल्जाम से क्यों बचाना चाह रहा है? इसके पीछे उस युवक का क्या मकसद हो सकता है? सुनिए बेहद दिलचस्प कहानी “”कत्ल का गवाह””, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
Reviews for: Diler Mujrim (Part -1)