उन माता-पिता की स्थिति , जिनके बच्चे विदेशों में जा बसे हैं | वृद्ध माता पिता सिर्फ अपने बच्चों के आने का इंतजार करते -करते थक जाते हैं ,किंतु यह इंतजार उनका खत्म नहीं होता | दिल को छू लेने वाली इस मार्मिक कविता में इस एहसास को समझ सकते हैं| भावना तिवारी जी की मधुर आवाज में …
कश्मीर की सुंदरता जहां एक ओर अपनी तरफ लोगों को आकर्षित कर रही है वहीं उसी कश्मीर में रह रहे लोगों ने कैसे खौफनाक मंजर का सामना किया है उसी व्यथा को भावना ने अपने गीत में बेहद मार्मिक ढंग से उड़ेला है…
तूफान अपने साथ क्या मंजर लेकर आता है इन पंक्तियों में इसका उल्लेख किया गया है
हिंदी साहित्य की विधा मुक्तक जिसमें कम शब्दों में बहुत बड़ी बात बयान की जाती हैहिंदी साहित्य की विधा मुक्तक जिसमें कम शब्दों में बहुत बड़ी बात बयान की जाती है
क्या गलत है, क्या सही |बिना जाने -समझे किसी भी बात की रूपरेखा खींच लेना कितना उचित है ?क्या यह उचित नहीं होगा कि जब तक हम किसी भी बात को पूर्ण रूप से ना समझ ले, तब तक किसी भी बात पर अपना निर्णय नहीं बनाना चाहिए | इसी बात को उजागर करती हुई अनुपम ध्यानी की आवाज में कविता जानकर चलो मान कर नहीं..
कविता के अंश में सिंदूरी शाम की सुंदरता का वर्णन किया गया है
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