नवरात्र के 9 दिन भक्ति और साधना के लिए बहुत पवित्र माने गए हैं। इसके पहले दिन शैलपुत्री की पूजा की जाती है। शैलपुत्री हिमालय की पुत्री हैं। हिमालय पर्वतों का राजा है। वह अडिग है, उसे कोई हिला नहीं सकता। जब हम भक्ति का रास्ता चुनते हैं तो हमारे मन में भी भगवान के लिए इसी तरह का अडिग विश्वास होना चाहिए, तभी हम अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। यही कारण है कि नवरात्र के पहले दिन शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
Chants credit- Jyoti upreti sati
शिव एक युगपुरुष है।आदि और अंत वही है। यह अनूठी होली की दास्तान है जोकि शमशान में खेली जाती है। जहां कवि ने शिव के माध्यम से जीवन के आरंभ और अंत का बखूबी से वर्णन किया है…
पिछले भाग में बाबू बटुकनाथ ₹100000 से भी हाथ धो बैठते हैं और उनका बेटा भी उन्हें नहीं मिलता दूसरी तरफ और दूसरी तरफ नकुल चंद्र ने राय साहब बनने पर एक बहुत बड़ा जलसा आयोजित किया है क्या इस जश्न का फायदा उठाकर रक्त मंडल के लोग यहां पर धावा बोलेंगे क्या यहां भी वही कांड होगा जो इससे पहले बाबू बटुकनाथ के साथ हुआ था आगे क्या हुआ इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का अगला भाग नयनी दीक्षित की आवाज में
पिछले भाग में सुना कि गोपाल शंकर और एडवर्ड धोखे से गलत रास्ते में पहुंचा दिए जाते हैं ।फिर उन्हें रक्त मंडल के सदस्यों की चिट्ठी बरामद होती है और वे उन्हें वापस लौट जाने का संकेत देते हैं इधर केशव जी और नगेंद्र सिंह अपनी तरफ आते हुए काफिले को पहचान लेते हैं अब क्या गोपाल सिंह शंकर और एडवर्ड अपने ठिकाने तक पहुंच पाएंगे? क्या किया नगेंद्र और साइंटिस्ट केशव सिंह ने? इसे जानने के लिए सुनते हैं रस्तमंडल का यह भाग
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
मोहाना रियासत के महाराज की बीमारी भी उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रसिद्ध हो गई थी | देश -विदेश के ना जाने कितने प्रतिष्ठित डॉक्टरों ने महाराज के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन बीमारी ऐसी, जिसका उपचार करने में सभी असफल हुए | अब ऐसे में मुंबई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर संघटिया ने ऐसा क्या कर दिया कि महाराज स्वस्थ हो गए ?व्यंग से भरपूर रोचक यशपाल के द्वारा लिखी गई रोचक कहानी महाराजा का बीमारी, सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में….
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