Maa Kushmanda
नवरात्र के चौथे दिन दुर्गाजी के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा और अर्चना की जाती है। माना जाता है कि सृष्टि की उत्पत्ति से पूर्व जब चारों ओर अंधकार था और कोई भी जीव जंतु नहीं था तो मां दुर्गा ने इस अंड यानी ब्रह्मांड की रचना की थी
इस देवी की आठ भुजाएं हैं, इसलिए अष्टभुजा कहलाईं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमण्डल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा हैं। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला है। इस देवी का वाहन सिंह है और इन्हें कुम्हड़े की बलि प्रिय है। संस्कृति में कुम्हड़े को कुष्मांड कहते हैं इसलिए इस देवी को कुष्मांडा कहते हैं।
बड़े बुजुर्ग घर की शान होते हैं उनकी बातों में एक तजुर्बा होता है उनके सानिध्य में सब कुछ कितना सरल हो जाता है बच्चों के लिए उनकी दादी तो पूरा स्नेह का खजाना होती है इसी रिश्ते के मधुर संबंधों काअवलोकन कराती हुई कविता है दादी पल्लवी की आवाज में
किब्बर – संजय शेफर्ड – पल्लवी
कभी-कभी हमारा मन भीड़-भाड़ की जगह से हटकर किसी शांत, कम जनसंख्या वाले क्षेत्र और बेहद खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के बीच में जाने का करता है, तो अब घुमंतू ने आपकी इस समस्या का समाधान कर दिया है। दुनिया की सबसे ऊंचाई में बसे एक गांव किब्बर की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराते हुये ।यहां के सादा और उत्साहपूर्ण जीवन को देखकर आपका मन खुशी से झूम उठेगा। हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत गांव किब्बर की यात्रा करें,घुमंतू के साथ पल्लवी की आवाज़ में सिर्फ़ गाथा पर..
प्रकृति जैसे मानो अपनी सारी माया लुटा रही हो हसीन पहाड़ी वादियां ,नदी, घाटियां, झीलें .. क्या कुछ नहीं दिया है यहां पर प्रकृति ने? जिसकी खूबसूरती का एहसास ही किसी को भी रोमांचित कर सकता है ।घुमंतू की श्रंखला में भारत के प्रमुख उत्तर- पूर्वी भागों के चुनिंदा और सबसे खास स्थानों को बेहद खूबसूरती से वर्णन किया है संजय शेफर्ड ने और उसे उतने ही सुंदर अंदाज में आवाज़ दी है पल्लवी गर्ग ने.. यह दावा है कि एक बार आपने इसके बारे में सुन लिया तो आप वहां अपने आप को जाने से नहीं रोक सकेंगे..
मैं तुम्हें फिर मिलूँगी इस कविता से शुरुवात होती है इस शीर्षक प्रेम की कविताओं की।
मैं तुम्हें फिर मिलूँगी आखिरी कविता थी जो अमृता ने लिखी थी। प्रेम से लबरेज़ ये कविता, आंखे नम कर देती है। बेइन्तहां प्रेम में डूबी अमृता, बेहद बीमार अमृता पूरे प्रेम और समर्पण से अपने आप को तैयार कर लेती हैं अपनी आने वाली अन्त यात्रा के लिए।
प्रेम शीर्षक के अंतर्गत जी कविताएँ हैं, उनमें न सिर्फ उनका अपने साथी के लिए प्रेम उमड़ता है, बल्कि, उंस ईश्वर के लिए भी प्रदर्शित होता है जिसके आगे उन्होंने समर्पण कर दिया है।
सुनते हैं शीर्षक प्रेम के अंतर्गत, आत्मा की परमात्मा के लिए प्रेम में डूबी मैं तुम्हें फिर मिलूँगी की कुछ कविताएँ गाथा ऐप्प पर, पल्लवी गर्ग की आवाज़ में
साक्षर होना जीवन में सबसे बड़ा वरदान होता है अतः कविता के माध्यम से यह संदेश प्रेरित किया गया है पढ़ना लिखना हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक है कविता खूब पढ़ते जाना पल्लवी जी की मधुर आवाज
Shrimad Bhagwat Gita adhyay-11 By Sri Anup Jalota
Credit: International Gita society
भावना तिवारी की आवाज़ में भाई बहन के भावों को प्रदर्शित करती रक्षा बंधन पर एक भाव पूर्ण कविता, जो आपकी आँख नाम कर देगी
मानव है मेरे राम – Episode -15- Dr. Pradeep Dixit
राम ने प्यार करना सिखाया दंडकारण्य में, “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मेरे राम
सुनिए राम… महसूस कीजिए राम
“मेरे राम” एक ऐसा विशेष संग्रह है, जहाँ प्रभु श्रीराम केवल कथा के पात्र नहीं, बल्कि जीवन, आदर्श, मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं के रूप में आपके सामने उपस्थित होते हैं।
इस विशेष संकलन में सुनिए —
📖 रामचरितमानस की दिव्य चौपाइयाँ और प्रसंग
🎙️ “मानव हैं मेरे राम” जैसी भावपूर्ण श्रृंखला
🪔 राम पर आधारित कविताएँ, कथाएँ और आध्यात्मिक अनुभूतियाँ
यह संग्रह आपको राम के अनेक रूपों से जोड़ता है —
आराध्य राम, मर्यादा पुरुषोत्तम राम, और मानवता के प्रतीक राम।
यह केवल श्रवण नहीं… एक आत्मिक यात्रा है —
राम को समझने की, राम को जीने की, राम को महसूस करने की।
🎧 सुनिए
“मेरे राम”
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मानव है मेरे राम – Episode -80 – Dr. Pradeep Dixit
राम ने क्यों ली सरयू में जलसमाधि || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
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