मानव है मेरे राम – Episode -40 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों बनना पड़ा राम को याचक | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -63 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए राम – रावण के युद्ध का वास्तविक उद्देश्य | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -61 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे राम का व्यक्तिगत युद्ध बना जन युद्ध | राम ने मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -59 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों आया राम को सागर पर क्रोध | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -36 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कौन है हनुमान | मानव है मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -54 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे हनुमान ने किया लंका भ्रमण का वर्णन राम से भाग -4 || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -73 – Dr. Pradeep Dixit
क्यों सीता को संशय हुआ की राम ने भी उनको अपवित्र मान लिया है ? मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -78 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्या व्याख्या दी भद्र ने राम-राज्य और राम मूल्यों की || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -33 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्या सुझाव दिया कबंध राक्षस ने राम को | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -70 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे किया अयोध्या के लोगो ने राम का स्वागत | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -46 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए हनुमान की विशेषताओं के बारे में || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -12- Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों राम के कारण ऋषियों को खतरा था चित्रकूट में । “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -47 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कौन-सी अष्टसिद्धियाँ थी हनुमान के पास || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode – 4- Dr. Pradeep Dixit
जानिए कहाँ गाया जाता है, राम को जगाने वाला श्लोक ??? “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l अगली कड़ी में सुनिए क्यों अहिल्या और इंद्रा दोनों एक दूजे के लिए थे |
मानव है मेरे राम – Episode -78 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्या व्याख्या दी भद्र ने राम-राज्य और राम मूल्यों की || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -13- Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों अनसुइया ने सीता को दिए थे आभूषण | “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -17 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों दस सालों तक माता सीता की गोद खली रही ? “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -71 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों उठाये गए सीता की पवित्रता पर सवाल ? मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
Shrimad Bhagwat Gita adhyay-14 By Sri Anup Jalota
Credit: International Gita society
मानव है मेरे राम – Episode -32 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों उठी सीता के मन में स्वर्ण मृग को पाने की चाह | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
Maa Skandamata
नवरात्रि के पंचम दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। स्कंद माता का रूप सौंदर्य अद्वितिय आभा लिए शुभ्र वर्ण का होता है। वात्सल्य की मूर्ति हैं स्कंद माता। मान्यता अनुसार संतान प्राप्ति हेतु मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है।पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वालीं स्कंदमाता। कहते हैं कि इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है।
स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है। इनके विग्रह में भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं।इस देवी की चार भुजाएं हैं। ये दाईं तरफ की ऊपर वाली भुजा से स्कंद को गोद में पकड़े हुए हैं। नीचे वाली भुजा में कमल का पुष्प है। बाईं तरफ ऊपर वाली भुजा में वरदमुद्रा में हैं और नीचे वाली भुजा में कमल पुष्प है। इनका वर्ण एकदम शुभ्र है। ये कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसीलिए इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है। सिंह इनका वाहन है।
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