So what is in ladies’s hand bag. Find out. A poem written in the days when I initially started dating and was curious to find out after all what the hell is in women’s hand bags.
पड़ती है !|Hindi Kavita |हिंदी कविता | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani Before starting something new one must shed the old! One must be patient for victory and always understand that all good things come in time.
Have you every wanted a vacation from being a Human. I have. कभी आपको मनुष्य बनने से छुट्टी की इच्छा हुई है मुझे हुई है !
कवि हमेशा सत्य का परिचय कराता है ,हो सकता है वह सत्य कटु लगे ऐसी स्थिति में हमेशा कवि की उपेक्षा की जा जाती है |
संदेह | Doubt |Hindi Kavita |हिंदी कविता | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani
Doubt Everything. A curious mind is doubtful. Not cynical. But doubtful till the true nature of the truth is perceived.
I hope in the current scenario in India Justice is meted out and the perpetrators are punished
JAI HIND!
स्थिरता और स्थायित्व सुनने और समझने में एक जैसे लगते हैं किंतु स्थिरता हम यह कह सकते हैं जैसे उसने कभी हार ना मानी हो स्थायित्व जिसने कभी लड़ा ही ना हो….. , इसके मूल रूप को समझने के लिए सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह कविता….
ईशरसिंह ने अपनी बन्द होती आँखें खोलीं और कुलवन्त कौर के जिस्म की तरफ देखा, जिसकी बोटी-बोटी थिरक रही थी वह…वह मरी हुई थी…लाश थी…बिलकुल ठंडा गोश्त…जानी, मुझे अपना हाथ दे… कुलवंत सिंह भरे पूरे शरीर की एक दबंग औरत है ईश्वर सिंह से करीब 8 दिन बाद उसके पास आता है कुलवंत सिंह इस बात के लिए जिरह करती है 8 दिन कहां था? ईश्वर सिंह बहलाने की बहुत कोशिश करता है परंतु कुलवंत सिंह को सच्चाई का अंदाजा हो जाता है आखिर क्या थी? सच्चाई और कुलवंत सिंह को किस बात का अंदाजा हो जाता है? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो की लिखी कहानी ठंडा गोश्त अनुपम ध्यानी की आवाज में
“मेरे घर से बाहर के रास्ते में कई बाजार और गलियां पड़ती थी | जहां मेरी आंखों ने देखा कई दिनों से बना पाकिस्तान अब जिंदाबाद हुआ है |” लेखक सआदत हसन मंटो ने हिंदुस्तान -पाकिस्तान बंटवारे के बाद जब पाकिस्तान गए ,तो वहां की स्थिति से रूबरू हुए | जो उन्हें बेहद जो बेहद अचंभित कर देने वाली थी |सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह पूरा वृतांत “सवेरे जो कल मेरी आंख खुली “……
30 seconds of positive energy, positive poetry.
स्थिरता और स्थायित्व सुनने और समझने में एक जैसे लगते हैं किंतु स्थिरता हम यह कह सकते हैं जैसे उसने कभी हार ना मानी हो स्थायित्व जिसने कभी लड़ा ही ना हो….. , इसके मूल रूप को समझने के लिए सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह कविता….
प्रज्ज्वलित | Prajjwalit | Hindi Kavita | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani
Let that lamp be always lit in you. No matter how hard the battle is, it’s only won if you keep going. And those who do, never lose. So keep that faith, keep that little lamp in you always alive.
Jai Hind
हिंदी साहित्य की विधा मुक्तक जिसमें कम शब्दों में बहुत बड़ी बात बयान की जाती हैहिंदी साहित्य की विधा मुक्तक जिसमें कम शब्दों में बहुत बड़ी बात बयान की जाती है
Reviews for: Hand Bag Hindi Kavita Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani