एक बार कृष्णदेव राय के राज्य में चूहों का आतंक हो गया |इससे निपटने के लिए कृष्ण देव राय ने सभी को एक बिल्ली दी और उस बिल्ली को दूध पिलाने के लिए एक गाय भी दी | अब तेनालीरामा ने इस पूरे प्रकरण में क्या किया और अंत में राजा को किस बात का एहसास हुआ? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी दूध ना पीने वाली बिल्ली, शिवानी आनंद की आवाज में…
हस्तिनापुर के महाराज शांतनु ने गंगा से विवाह किया |गंगा का आठवां पुत्र देवव्रत (भीष्म )के रूप में जाने गए| आगे चलकर देवव्रत भीष्म ने क्या अखंड प्रतिज्ञा ली? जो भीष्म प्रतिज्ञा’’ के रूप में सदैव प्रख्यात रही है| इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी भीष्म जन्म तथा अखंड प्रतिज्ञा, शिवानी आनंद की आवाज में…
12 वर्ष बनवास और 1 वर्ष अज्ञातवास पूर्ण करने के पश्चात पांडवों ने अपना राज्य वापस लौटाने के उद्देश्य से श्रीकृष्ण को अपना शान्तिदूत बनाकर हस्तिनापुर भेजा, जिससे वह शान्ति का प्रस्ताव रख सकें। किंतु क्या श्री कृष्ण का शांति प्रस्ताव धृतराष्ट्र और कौरवों को मान्य हुआ ?इसके आगे के प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं कृष्ण का शांति प्रस्ताव ,शिवानी आनंद की आवाज में…
यह कहानी एक बेहद शरारती लकड़े पाठक की है| जिसकी शरारतों से तंग हो,उसकी मां उसे मामा के संग भेज देती हैं। शुरुआत में तो पाठक नई जगह जाने के उत्साह में राज़ी हो जाता है लेकिन वहां घर और अपने लोगों से दूरी पाठक के लिए असहनीय हो जाती है और वह घर वापसी के उपाय करता है।
कहानी एक जुलाहे की है |जिसे देवता के द्वारा इच्छापूर्ति वरदान मिलने का आशीर्वाद मिलता है किंतु जुलाहा देव से ऐसा वरदान मांग लेता है, जो उसके लिए अभिशाप साबित होता है| आखिर जुलाहे ने ऐसा क्या मांग लिया ?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सिर वाला जुलाहा ,जिसे आवाज दी है शिवानी आनंद ने ….
एक बार कृष्णदेव राय ने उदारता दिखाते हुए एक बूढ़े भिखारी को शॉल पहनाया| सब ने राजा की बहुत तारीफ करी किंतु तेनाली रामा कुछ नहीं बोले |ऐसे में राजा को क्रोध आ गया |क्या कारण था कि तेनालीरामा ने राजा की उदारता पर प्रसन्नता नहीं नहीं जाहिर की| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी बूढ़ा भिखारी शिवानी आनंद की आवाज में
एक बार विजय नगर में सूखे की स्थिति आ गई |तेनाली रामा ने जो बाग लगाया था वह भी सूख चुका था |तेनाली रामा ने किस प्रकार उपाय करके अपने बाग की सिंचाई कराई |इस रोचक घटना को जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी बाग की सच्चाई शिवानी आनंद की आवाज में
राजा कृष्णदेव राय की इस दुविधा को कि वास्तव में ही रे किसके पास है नौकर के पास या मालिक के पास तेनाली रामा ने किस प्रकार अपने चातुर्य से राजा की इस दुविधा का निवारण किया पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी हीरो का सच शिवानी आनंद की आवाज में
विजयनगर में होली और दिवाली का त्यौहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता था | होली के त्यौहार पर महामूर्ख की उपाधि पाने वाले को पुरस्कार के तौर पर 10000 स्वर्ण मुद्राएं दी जाती थी |तेनाली रामा ने अपनी बुद्धिमत्ता से किस प्रकार यह पुरस्कार जीता ?इस पूरे रोचक किस्से को सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी महामूर्ख की उपाधि, शिवानी आनंद की आवाज में….
एक बार महाराज ,राजपुरोहित और तेनालीराम सर्दी के मौसम में अपने राजमहल में टहल रहे थे | महाराज ने सर्दियों की मौसम की सबसे अच्छी मिठाई खाने की इच्छा जाहिर की| ऐसे में तेनाली रामा ने किस मिठाई को सर्दियों की सबसे अच्छी और मनपसंद मिठाई कहा? इस रोचक किस्से को जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी तेनालीराम की मनपसंद मिठाई…
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