लोग ना जाने क्या-क्या बातें करते हैं आलसी लोगों के लिए… किंतु गुलाब राय जी ने आलस्य को जीवन का एक अहम हिस्सा बताया है और ऐसे- ऐसे तर्क दिए हैं जो वाकई इस धारणा को गलत साबित कर देंगे जो आलस्य को बुरा मानते हैं ।जानना नहीं चाहेंगे वह कैसे? आलस्य पर व्यंग कसते हुए गुलाब राय जी ने आलस्य को अपनाने और उसकी उपयोगिता पर खूबसूरत ढंग से अपनी बात रखी है उनके इस वक्तव्य को सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज़ में..
लॉर्ड इर्विन ने इग्नोर किया और गांधी एक लंबे धूल भरे रास्ते पर चलते-चलते दांडी पहुँच गए। गांधी को वहाँ अरब सागर मिला। नमक से बेपनाह भरा सागर। बस्तर का कोई सागर नहीं। भूगोल में उसकी जमीन इस तरह बरती हुई है कि उसके हिस्से कभी कोई नमकीन सागर नहीं होगा। हजारों, लाखों किलोमीटर की वे जंगली दुर्गम पहाड़ी दूरियाँ कभी नापी नहीं जा सकीं जिनसे चल कर उतरना बीमार होना था, मौत था… और इस तरह बरसों तक पहुँचते रहना था नमक की एक दुकान तक। दांडी का इतिहास हुआ। इतिहास, बस्तर के जंगल के बहुत बाहर पड़ा एक तुच्छ शब्द।
उस लड़के ने फिर से अपनी बात दोहराई. बच्ची ने कहा–नहीं, मुझे नहीं चाहिए और उसने अपनी झोली में से बेर उठाकर उसकी टोपी काटी. वह लड़का थोड़ी देर असमंजस में खड़ा रहा। फिर उसने कहा–अच्छा, ये तेरे इयररिंग मुझे बहुत अच्छे लगे… मैं ले लूँ!कहानी ने एक साथ 8 साल की छोटी बच्ची जिसे 26 साल का एक युवक बहला कर उसके कानों की बालियां ले लेता है कहानी बच्चे की मासूमियत को दर्शाते हुए एक ऐसा प्रसंग है जिसमें बच्चे 10 पैसे मिलने का लालच छोड़ कर अपनी बालियां युवक को दे देती है इस घटना का उसके बड़े होने तक उस पर क्या प्रभाव पड़ता है जाने के लिए सुनते हैं कहानी इयररिंग्स
सिंगापुर के चीनियों में भूतों की शादी का रिवाज है मैडम ह्यूंग और मैडम चांग किस प्रकार अपने भूत बेटे और बेटियों की शादी कराते हैं इस रोमांचक शादी का वर्णन सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज में
सुमित एक सीधा साधा मेधावी छात्र है जो दिव्या से प्यार करता है| किंतु दिव्या उसके प्यार को अस्वीकार कर देती है| इस बात से सुमित काफी हताश हो जाता है |अमजद, सुमित का दोस्त है जो उसे इस मुश्किल से निकालने में मदद करता है |आज सुमित एक रानीपुर का एस.पी है और दिव्या उसके पास पुनः लौटना चाहती है किंतु दोस्ती और प्यार में सुमित किसको चुनता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जुनैद की लिखी कहानी दोस्ती, अमित तिवारी की आवाज में
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बलिया के रहने वाले राधेश्याम की एक नौटंकी मंडली है, उसका सपना है कि वह एक भोजपुरी फिल्म बनाएं और उसमें अपनी मंडली के सभी सदस्यों को मुख्य किरदार के रूप में रखें| क्या उसका सपना सच हो पाता है ?? जानने के लिए सुनते हैं कहानी एक भोजपुरी भोजपुरी फिल्म की हिट स्टोरी
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कहानी के माध्यम से बड़े ही रोचक ढंग से यह समझाने की कोशिश की गई है कि नशा चाहे भांग का हो ,शराब का या कोई और नशा हो हमेशा खराब होता है| नशे के सेवन से मनुष्य सही और गलत निर्णय लेने में अक्षम हो जाता है |कहानी में बहुत अधिक पंडितबाद पर कटाक्ष भी किया गया है| कहानी के मुख्य पात्र राय साहब पंडित घसीटे लाल और जिलाधीश मिस्टर बुल (जोकि विलायत से आये हैं ),उनके बीच नशे को लेकर संवाद पर व्यंग किया गया है | प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई इस रोचक कहानी यह भी नशा, वह भी नशा सुनते हैं , नयनी दीक्षित की आवाज में …
बड़े-बूढ़े कुछ झूठ नहीं कह गए हैं कि परदेश जाए तो ऐसे चौकन्ने रहें, जैसे बुढ़ापें में ब्याह करने वाला अपनी जवान जोरू से रहता है। हम चौकन्नेपन क्या, दसकन्नेपन की सिफारिश करते हैं, वरना ईश्वर न करे किसी पर ऐसे बीते, जैसी परदेश में हम पर बीती, यानी हम साढ़े पांच हाथ के जीते-जागते मौजूद रहे और परदेश ने हमारे मुंह पर कानूनी तमाचा मारकर कुछ देर के लिए यह साबित कर दिया कि हम फौत शुद यानी मर गए।कहानी का पात्र जो परदेश में है वहां उसके साथ क्या घटना घटती है पूरा वृतांत जानने के लिए सुनते हैं अमृतलाल नागर जी के द्वारा लिखी गई कहानी जब बात बनाए ना बनी,अमित तिवारी जी की आवाज में
मनोहर लाल जब मंत्री बने तो उन्होंने जनता के सामने जिन बातों का वादा किया |क्या वह खुद उन बातों पर अडिग रहे? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सुभाष नीरव के द्वारा लिखी गई कहानी रंग परिवर्तन ,शिवानी आनंद की आवाज में
महतो टोली के पंचों ने पेट्रोमैक्स खरीदा |जिसे गांव वाले पंचलाइट कहते हैं |गांव वालों और पंचों का उत्साह देखते बनता है| बस समस्या यह है कि पंचलाइट कैसे और कौन जलाएं क्योंकि पंचलाइट जलाना किसी को आता नहीं है |यह समस्या किस प्रकार हल होती है |बेहद हास्यास्पद तरीके से इसका उल्लेख किया गया है फणीश्वरनाथ रेणु जी के द्वारा लिखी कहानी पंचलाइट में ,आवाज दी है सुमन वैद्य जी ने…
आश्वासन दे देकर यहां पर लोगों को झूठी आशा दी जाती है ऐसा ही इस कहानी में है जब लोगों को गाड़ी में पंखा और बिजली का आश्वासन दिया जाता है कि वह अगले स्टेशन पर ठीक होगा क्या उनका अगला स्टेशन कभी आता है इसी पर व्यंग कसते हुए केशव वर्मा द्वारा लिखी गई कहानी अगला स्टेशन अमित तिवारी जी की आवाज में
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Parvati Yadav