देव शक्ति नाम के राजा के एक पुत्र के पेट में एक साँप चला जाता है और वह उसी के पेट में अपना बिल बना लेता है |जिस कारण राजकुमार का शरीर प्रतिदिन अस्वस्थ होता जा रहा है अब आगे क्या होता है राजकुमार के साथ ?पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सांपों की कथा ,सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी यह शिक्षा देती है कि संसार में कुछ काम ऐसे हैं, जो एकाकी नहीं करनी चाहिए |कहानी एक भारण्ड नाम का एक विचित्र पक्षी है, जिसके मुख दो थे, किन्तु पेट एक ही था | कहानी में ऐसा क्या होता है कि अंत में उस पक्षी को मृत्यु प्राप्त हो जाती है ? जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सिर वाला पक्षी, शिवानी आनंद की आवाज में….
कहानी बगुलों और कछुओं की है जिसमें बगुले पेड के कोटर में रह रहे नाग से बदला लेना चाहते हैं क्योंकि नाग उनके बच्चों को मारकर खा जाता है और इधर कछुए भी बगुलों से बदला लेना चाहते हैं क्योंकि बगुले, कछुओं को अपना आहार बना लेते हैं |ऐसे में कहानी में ऐसे में क्या होता है ?क्या कछुए बगुलों से अपना बदला ले पाते हैं? ,जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी शत्रु की सलाह ,शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी एक जुलाहे की है |जिसे देवता के द्वारा इच्छापूर्ति वरदान मिलने का आशीर्वाद मिलता है किंतु जुलाहा देव से ऐसा वरदान मांग लेता है, जो उसके लिए अभिशाप साबित होता है| आखिर जुलाहे ने ऐसा क्या मांग लिया ?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सिर वाला जुलाहा ,जिसे आवाज दी है शिवानी आनंद ने ….
यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो अपनी बाल विधवा पड़ोसन से प्रेम तो करता है किंतु समाज और अन्य भय से कह नहीं पाता। वहीं उसका एक मित्र जो कि उसी से कविताएं सीखने आता है, उसी की लिखी कविताएं सुनाकर उसकी पड़ोसन से प्रेम विवाह कर लेता है।
कहानी यह शिक्षा देती है कि संसार में कुछ काम ऐसे हैं, जो एकाकी नहीं करनी चाहिए |कहानी एक भारण्ड नाम का एक विचित्र पक्षी है, जिसके मुख दो थे, किन्तु पेट एक ही था | कहानी में ऐसा क्या होता है कि अंत में उस पक्षी को मृत्यु प्राप्त हो जाती है ? जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सिर वाला पक्षी, शिवानी आनंद की आवाज में….
अतृप्त आत्माओं से भरे एक महल की कथा जिसका एक एक पत्थर जिंदा व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
एक ही मां के अंश यानी सिबलिंग्स,यह रिश्ता बहुत खास होता है वह छोटी-छोटी नोकझोंक, वह साथ-साथ हंसना ,रोना और और अपनी कुछ खास बातों को सिर्फ उनके साथ बांटना |समय की रफ्तार में अगर यह रिश्ते आप से दूर चले गए हैं ,तो फिर से उन्हें अपने नजदीक जरूर लाइए |कैसे? जानते हैं इस खूबसूरत एहसास को, अंगोना साहा के साथ..
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