आज राजी एक शादीशुदा महिला है पति और बच्चे सब है | किंतु आज राजी को अपने बचपन के दोस्त की याद बहुत आ रही है |बचपन के वह बिताए हुए दिन, किस्से –कहानियां, वह हंसी ,वह सब कुछ | राजी के बचपन में ऐसा क्या था और वह अपनी कौन सी बातों को स्मरण कर रही है ?जानने के लिए सुनते हैं सूर्यबाला के द्वारा लिखी गई कहानी कागज की नाव में चांदी के बाल ,निधि
कहानी नौकरी पेशा पति -पत्नी नीना और शौनक की है |उनकी इस डेढ़ साल की छोटी सी बच्ची है सुजाता| समस्या यह है कि उस मासूम सुजाता के लिए की देखभाल के लिए उन दोनों के पास वक्त नहीं है, ऐसे में उनके द्वारा किए गए सारे प्रयास विफल भी हो रहे हैं| आखिर अब कैसे नीना और शौनक यह समस्या दूर होती है |और सुजाता को भी भरपूर प्यार कैसे मिलता है| जानने के लिए सुनते हैं सूर्यबाला के द्वारा लिखी गई कहानी माय नेम इश ताता , निधि मिश्रा की आवाज में
पत्नियो पर तो आप सबने बहुत चुटकुले और व्यंग सुने होंग़े। सुनिए पतियों पर लिखा गया ये कुछ मीठा और कुछ तीखा व्यँग सूर्यबाला जी की कहानी “गर्व से कहो हम पती हैं”
अरुण वर्मा एक ईमानदार फॉरेस्ट ऑफिसर है |ईमानदारीसे किसी भी तरीके से समझौता न करने के कारण अरुण वर्मा का बार-बार तबादला करा दिया जाता है |इस बार तो अरुण वर्मा ने एमएलए के भतीजे का ट्रक पकड़ा है |इस बात का क्या प्रभाव पड़ेगा अरुण वर्मा की जिंदगी में ?क्या वह सच्चाई और ईमानदारी का रास्ता छोड़ देगा या फिर अपनी बात पर अडिग रहेगा| जानने के लिए सुनते हैं सूर्यबाला के द्वारा लिखी गई कहानी होगी जय, होगी जय… हे पुरुषोत्तम नवीन , निधि मिश्रा की आवाज में
अभी भगवान् वशिष्ठजी के वचन पूर्ण भी नहीं हुए थे कि सहसा दौड़ता हुआ एक मनुष्य आकर उनके चरणों पर गिर पड़ा, और कहने लगा-”भगवन्! आप ही इस संसार में ‘ब्रह्मर्षि’ कहलाने के योग्य हैं, लोग मुझे वृथा ही महर्षि कहते हैं। इस पूरी कथा को जाने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी ब्रह्मर्षि ,निधि मिश्रा की आवाज में
फुलवा मात्र मात्र 10 साल की मासूम बच्ची है |जिसके साथ मुखिया के पोते ने बलात्कार किया है| कहानी में फुलवा के अपराधी को सजा दिलाने की जद्दोजहद में उससे बार-बार उसे बार-बार उस बात का स्टेटमेंट लिया जाता है |मासूम फुलवा स्टेटमेंट और बलात्कार जैसी बातों से अनभिज्ञ है| स्टेटमेंट के नाम पर मासूम फुलवा के साथ साथ क्या हो रहा है ?दिल को झकझोर देने वाली रश्मि की कहानी स्टेटमेंट, सुनते हैं निधि मिश्रा के द्वारा
आपको चित्तौर का सिंहासन सुखद हो, देश की श्री-वृद्धि हो, हिन्दुओं का सूर्य मेवाड़-गगन में एक बार फिर उदित हो। भील, राजपूत, शत्रुओं ने मिलकर महाराणा का जयनाद किया, दुन्दुभि बज उठी। मंगल-गान के साथ सपत्नीक हम्मीर पैतृक सिंहासन पर आसीन हुए। अभिवादन ग्रहण कर लेने पर महाराणा ने महिषी से कहा-क्या अब भी तुम कहोगी कि तुम हमारे योग्य नहीं हो?इस पूरी कथा को जाने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी चित्तौड़ निधि मिश्रा की आवाज में
हर बात को जहाँ तक हो, सँवारना चाहिए। । सूर्यकांत त्रिपाठी जी की लिखी कहानी गधा और मेंढक सुनते हैं निधि मिश्रा की आवाज में
बिन्नी और टीनू की गर्मियों की छुट्टियां हो गई है और दोनों अपने दादा जी के यहां गए हुए हैं| अब दादा जी के यहां मस्ती भरे दिन बिताने के बाद क्या बिन्नी और टीनू को वापस लौटने का मन करेगा? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं संजीव ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी हमें नहीं जाना, निधि मिश्रा की आवाज में
लीला ,लाला डंगामल पहली पत्नी है| जो पूरा जीवन लाला जी के लिए समर्पित कर देती है |किंतु लालाजी हमेशा उसकी उपेक्षा करते रहते हैं और अंत में मिला यही दर्द लेकर लीला मृत्यु को प्राप्त हो जाती है |अब लालाजी ने दूसरा विवाह कर लिया है| क्या लाला जी के जीवन में कुछ बदलाव आएगा या उनका व्यवहार वैसा ही रहेगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी नया विवाह ,सुमन वैद्य की आवाज में
कहते हैं कि जिंदगी बेशक छोटी हो लेकिन इज्जत वाली होनी चाहिए और अगर जिंदगी लंबी हुई मगर बिना इज्जत की तो किस काम की? लोगों के टुकड़ों पर पलना, दूसरों की जूठन खाना, भीख माँगना , चोरी करना यह कोई जिंदगी तो नहीं । जिस उम्र में अपनों के सहारे की जरूरत होती है उस उम्र में अगर अपने ही अकेला छोड़ जाए तो——।
रीना ने अभी तक शादी नहीं की है क्योंकि उसे अपने हिसाब से उपयुक्त जीवनसाथी नहीं मिल रहा है इसी बात को छेड़ते हुए उसकी मित्र अनुजा उसे कविता मैडम का उदाहरण देती है कविता मैडम ने काफी उम्र बढ़ने पर शादी की है कविता मैडम की जिंदगी में क्या-क्या उतार-चढ़ाव आए और उन्होंने इतनी बड़ी उम्र में विवाह क्यों किया पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मालती जोशी की लिखी कहानी हादसे और हौसले शिवानी खरे की आवाज में .
एक कंजूस व्यक्ति के पास बहुत सारा सोना था लेकिन वह उसका सदुपयोग ना करके उसे जमीन में गाडे रखता था ।एक दिन उसका यह सारा सोना चोरी हो गया। इस बात से कंजूस को क्या सीख मिली और उसने क्या किया जाने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी द्वारा लिखी गई कहानी कंजूस और सोना निधि मिश्रा जी की आवाज में
अविनाश को यह पहाड़ी कस्बा अत्यंत प्रिय था। जब कभी वह रोजमर्रा के जीवन से ऊंबता वह सोनवल की राह थाम लेता थाइस बार वह इस शहर में अकेले नही आया था। उसके साथ उसका दोस्त विकास था। अविनाश ने उसके सामने कुछ शर्ते रख दी थी। मसलन वह इस यात्रा को आरामदेह मान कर न चले। यह यात्रा नही एक एडवेंचर होगा
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pragati sharma