काकी कहा करती थीं कि लोग मर जाते हैं लेकिन वास्तव में वे मरते नहीं हैं। बस चोला बदल जाता है। तुम्हारे काका भी मरे नहीं हैं। यहां उनका समय पूरा हो गया था, दाना पानी उठ गया था, इसलिए चले गये। हमें भी साथ ही जाना था, लेकिन हमारा टिकट कहीं खो गया है। दूत लोग ढूंढ रहे होंगे। मिलेगा तैसे ही हमें भी जाना है। ये हां इंतजार कर रहे होंगे। तुम्हारे काका हमसे कहे थे कि हम चल रहे हैं तुम आना। एक वृद्धा है जिसे सब काफी कहते हैं अपने पति की मृत्यु के बाद उसका जीवन कैसा हो जाता है किस प्रकार अपने पति की यादों को सहेज कर रखना चाहती है कृष्णकांत जी के द्वारा लिखी गई कहानी काकी में सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज
एक पुरुष का स्त्री के बिना कोई अस्तित्व नहीं होता है ,कैलाश की परवरिश ऐसे माहौल में हुई है जहां पर स्त्रियों की उपेक्षा की जाती है कैलाश के जीवन में जब मांडवी का प्रवेश होता है तो उसकी इस सोच में बदलाव आता है सुनते हैं कृष्णकांत के द्वारा लिखी गई कहानी पुनर्जन्म ,अमित तिवारी जी की आवाज में
सुमित एक सीधा साधा मेधावी छात्र है जो दिव्या से प्यार करता है| किंतु दिव्या उसके प्यार को अस्वीकार कर देती है| इस बात से सुमित काफी हताश हो जाता है |अमजद, सुमित का दोस्त है जो उसे इस मुश्किल से निकालने में मदद करता है |आज सुमित एक रानीपुर का एस.पी है और दिव्या उसके पास पुनः लौटना चाहती है किंतु दोस्ती और प्यार में सुमित किसको चुनता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जुनैद की लिखी कहानी दोस्ती, अमित तिवारी की आवाज में
अमेरिका में रह रहा आशु आज अंग्रेजी संस्कार से लिप्त अपनी बेटी का विचलित कर देने वाला व्यवहार देखता है उसे भी अपने बीते दिनों की याद आ जाती है आज आशु इतना विचलित क्यों है उसका बीता हुआ पल उसे याद क्यों आ रहा है क्या है आशु की मनोस्थिति पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं जुनैद की भावपूर्ण कहानी कम बैक अमित तिवारी जी की आवाज में
मेरा ह्रदय एक आदमी की हत्या के बोझ से बोझिल हो उठा. घर आकर माँ से सब कुछ कहा- “माँ उसके कफ़न के लिए कोई नया कपड़ा निकाल दो!” माँ अपने सीने वाली पोटली उठा लायीं. नया कपड़ा निकलने के लिए उन्होंने ज्यों हीं पोटली खोली जम्बक की डिबिया खट से गिर पड़ी. बिना सत्यता परखे किसी निर्दोष को दोषी ठहरा देने पर उसकी जिंदगी में किस हद तक प्रभाव पड़ सकता है इसी बात को उजागर करती हुई यह कहानी है| केठानी एक बूढ़ा नौकर है और मात्र एक जंबक डिबिया घर में ना मिलने पर उस पर चोरी का इल्जाम लगाया जाता है और नौकरी से निकाल दिया जाता है कहानी में जानते हैं इस बात का केठानी की जिंदगी में क्या असर होता है ?सुनते इस मार्मिक कहानी को अमित तिवारी जी की आवाज मे
यूनुस खान एक क्रांतिकारी है जो लोग काफिर है उनके लिए उसके दिल में कोई हमदर्दी नहीं है लेकिन यूनुस खान को एक खून से लथपथ एक छोटी बच्ची जब दिखती है जो कि काफिर है उसका कठोर दिल भी पिघल जाता है और क्या रिश्ता है उस बच्ची और यूनुस खान के बीच में पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कृष्णा सोबती की लिखी कहानी मेरी मां कहां अमित तिवारी जी की आवाज
रामदयाल एक श्रेष्ठ अभिनेता है| रामदयाल का विवाह उर्मिला से होता है जो कि सुंदर- सुशिक्षित और उच्च घराने की है युवती है |रामदयाल नवयुग पत्रिका में प्रकाशित एक महिला अंक को पढ़कर उसकी विवेचना करते -करते उसे अपने जीवन में सत्यापित करने का प्रयास करता है| और उसी प्रयास के जरिए उससे एक बहुत बड़ी भूल हो जाती है| रामदयाल ने ऐसा क्या किया पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं उपेंद्र नाथ अश्क द्वारा लिखी गई कहानी पहेली अमित तिवारी जी की आवाज में
बचपन कितना मासूम होता है | कहानी 6- 7 साल की छोटी बच्ची की है जिसका खुद का दिया हुआ नाम है रानी मुखर्जी |बच्ची को एक परिवार गोद लेने के लिए आता है किंतु बच्ची इस बात से पूरी तरीके से अनभिज्ञ है | क्या होता है आगे कहानी में जाने के लिए सुनते हैं संध्या त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी रानी मुखर्जी की गुड़िया,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में आवाज में
कहानी में सुमित एक अपने कॉलेज की ही मुस्लिम लड़की सिदरा से अपने प्यार का दावा करता है हिज़ाब से सिर्फ उसकी खूबसूरत आकर्षित कर देने वाली आंखों को देख कर | दूसरी ओर मुस्लिम कौम के ही एक दूसरे युवक जीशान भी सिदरा से अपने प्यार का दावा करता है किंतु सिदरा हिज़ाब हटाकर अपना से चेहरा दिखाती है तब क्या होता है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जुनैदद्वारा लिखी गई कहानी हिज़ाब ,अमित तिवारी की आवाज में
प्यार और वेभिचार के बीच में एक बारीक तंतु होता है उसी तंतु के आधार पर आप एक नाजायज़ कही जाने वाली संतान को ईश्वरीय उपहार के रूप में भी स्वीकार कर सकती है। इसी बात का आंकलन करती हुई दिखाई देती है मेरी यह कहानी ‘ ईश की माँ ‘
एक तन्हा सा मै था – Arvind saxena – Priya bhatia
मैं हूँ, दिल है, तन्हाई है तुम भी होते अच्छा होता|
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