वो कौन था |
क्या कभी ऐसा हो सकता है… कि कोई अजनबी आपको पहले ही मौत से सावधान कर जाए?”
लॉर्ड डफ़रिन के साथ एक ऐसी ही रहस्यमयी घटना घटी…
इरिश गाँव की एक खामोश रात में उन्होंने एक खौफनाक दृश्य देखा—
एक अजनबी… जिसकी पीठ पर ताबूत था… और चेहरा इतना भयावह कि वह भूलना नामुमकिन था।
सालों बाद… पेरिस के एक आलीशान होटल में,
भीड़ के बीच अचानक वही चेहरा फिर सामने आ खड़ा हुआ—
इस बार एक लिफ्ट ऑपरेटर के रूप में।
उस एक पल के फैसले ने…
लॉर्ड डफ़रिन और उनके सचिव की जान बचा ली।
क्योंकि अगले ही क्षण… वही लिफ्ट हादसे का शिकार हो गई।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बाकी है—
वो आदमी कौन था?
एक संयोग… या मौत का कोई संदेशवाहक?
और अगर वो सच में था… तो फिर गायब कैसे हो गया?
🎧 सुनिए — ‘वो कौन था’
एक ऐसी कहानी… जो आपके मन में डर नहीं, सवाल छोड़ जाएगी… सिर्फ Gaatha पर।
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
विक्रम और हाशना की दोस्ती उस न्यूड पेंटिंग के कारण है ।विदेशी ने आखिर विक्रम को क्यों बाउंसर के कत्ल में फंसा दिया? आखिर वह क्या चाहता है? क्या इसके पीछे हाशना कहीं कोई हाथ तो नहीं? ऐसे बहुत से राज़ जो अभी खुलने बाकी है सुनिए कहानी का अगला भाग
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
सार्जेंट सलीम और कैप्टन सोहराब ,शेयाली की मौत का रहस्य जानने के लिए सलीम शेयाली की असिस्टेंट श्रेया से मुलाकात करता है श्रेया शेयाली की खुदकुशी की वज़ह विक्रम को बताती है और इसका दावा भी करती है। लेकिन इसी बीच सलीम के साथ एक हादसा हो जाता है और वह बेहोश हो जाता है इधर कैप्टन सोहराब का पीछा एक लड़की करती है वह सोहराब को एक न्यूड पेंटिंग के बारे में कुछ बताती है ।सलीम के साथ आखिर क्या हुआ? क्या श्रेया की कोई साजिश थी ?कौन है वह लड़की जो सोहराब का पीछा कर रही थी ?बिल्ली का कातिल कौन है ?और उसे मारने की क्या वजह रही? न्यूड पेंटिंग का क्या. रहस्य है? इन रोचक और सस्पेंस से भरे सवालों के बारे में जानने के लिए सुनते हैं का यह भाग नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
श्रेया को अगवा करने वाले लोगों से बचाकर सोहराब ,सलीम और श्रेया कोठी की तरफ चले जाते हैं। मालगाड़ी से सोहराब ,सलीम और श्रेया कहां रवाना हुये ? क्या वज़ह है कि वे टैक्सी से ना जाकर मालगाड़ी से रवाना हुए ?कौन है वह चार लोग जिन्होंने श्रेया को अगवा किया था ?हाशना को किस चीज की तलाश है? श्रेया का पूरे मामले में क्या रोल है ? क्या शेयाली को जंगलियों से आज़ाद कराया जा सका ?ऐसे बहुत से प्रश्नों के राज़ खोलने के लिए सुनते हैं शोलागढ़@34 का यह भाग
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
शेयाली की मौत महज़ एक हादसा है या खुदकुशी या कत्ल। अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने के लिए सार्जेंट सलीम और कैप्टन सोहराब तफ्तीश में जुट गए हैं इस तफ्तीश में कुछ नए मोड़ आए हैं |शेयाली के मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग, मरने से पहले शेयाली का सूर्यास्त के समय बनाया उसका वीडियो, विक्रम. के.. खान और एक युवती हाशना के बीच की नोकझोंक और एक बिल्ली का कत्ल ।क्या इन कड़ियों का क्या कोई संबंध है शेयाली की मौत से ?जानने के लिए सुनते हैं शोलागढ़@34 का यह भाग नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
विक्रम के खान की लाश शेयाली के बंगले में मिलती है वहां पीले रंग का एक बाल भी मिलता है । क्या असली वज़ह है विक्रम की मौत का? कौन है वह नकाबपोश क्या हुआ हाशना के साथ है? आखिरकार शेक्सपियर कैफे में मिली लड़की रैक्सीना इस पूरे प्रकरण में क्या रोल है? जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में शोलागढ़@34 किलोमीटर का यह भाग
भारत वर्ष को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए हर वर्ग के लोगों—बच्चे, बूढ़े और जवान—ने आजादी के संघर्ष में अपना अमूल्य योगदान दिया। इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं, अत्याचार झेले, लेकिन अपने संकल्प को टूटने नहीं दिया।
सोचिए, कितना रोमांचकारी और प्रेरणादायक होगा यदि हम इन अनुभवों को उन्हीं की जुबानी सुनें। ऐसा ही एक अमूल्य दस्तावेज है स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जगदीश प्रसाद राजवंशी जी की किताब हवालात, राजवंशी जी जो मात्र 25 वर्ष की आयु में जेल गए और लखनऊ जेल से ही जेल में बिताए अपने अनुभवों को समेटकर यह पुस्तक लिखी। यह पुस्तक न केवल उनके संघर्षों की गाथा है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करती है।
भारत वर्ष को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए हर वर्ग के लोगों—बच्चे, बूढ़े और जवान—ने आजादी के संघर्ष में अपना अमूल्य योगदान दिया। इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं, अत्याचार झेले, लेकिन अपने संकल्प को टूटने नहीं दिया।
सोचिए, कितना रोमांचकारी और प्रेरणादायक होगा यदि हम इन अनुभवों को उन्हीं की जुबानी सुनें। ऐसा ही एक अमूल्य दस्तावेज है स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जगदीश प्रसाद राजवंशी जी की किताब हवालात, राजवंशी जी जो मात्र 25 वर्ष की आयु में जेल गए और लखनऊ जेल से ही जेल में बिताए अपने अनुभवों को समेटकर यह पुस्तक लिखी। यह पुस्तक न केवल उनके संघर्षों की गाथा है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करती है।
मोबाइल मोहब्बत- ममता कालिया – शैफाली कपूर
मुग्धा को अपने बचपन से जब से वह सही से बोल भी नहीं पाती थी तब से उसे मोबाइल फोन से जो मोहब्बत हुई ,उसका असर उसके हर एक क्रियाकलाप में देखा जा सकता है किंतु आज तो मुग्धा की शादी नमित के साथ हो रही है। क्या इन दोनों के जीवन की इस नयी शुरुआत करने पर मोबाइल फोन क्या कोई अपना रंग दिखायेगा?कैसी रहेगी विवाह के बाद की उनकी शुरुआत?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं ममता कालिया के द्वारा लिखी गई कहानी मोबाइल मोहब्बत, शेफाली कपूर की आवाज़ में
बोलने वाली लड़की – ममता कालिया – शैफाली कपूर
कॉलेज के दिनों से दीपशिखा अपना नाम हमेशा अग्निशिखा बतलाती थी, क्योंकि उसे अग्नि की तरह प्रज्वलित रहना पसंद था ।बोलने में निडर ,वाचाल ।उसके इन्हीं गुणों से प्रभावित होकर कपिल ने दीपशिखा से विवाह किया किंतु शादी के बाद कपिल को दीपशिखा के यही गुण क्यों अच्छे नहीं लग रहे? क्या दीपशिखा भी अपने ससुराल में गुमसुम हो जाएगी? सुनिए बेहद भावपूर्ण कहानी बोलने वाली लड़की, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
भारत वर्ष को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए हर वर्ग के लोगों—बच्चे, बूढ़े और जवान—ने आजादी के संघर्ष में अपना अमूल्य योगदान दिया। इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं, अत्याचार झेले, लेकिन अपने संकल्प को टूटने नहीं दिया।
सोचिए, कितना रोमांचकारी और प्रेरणादायक होगा यदि हम इन अनुभवों को उन्हीं की जुबानी सुनें। ऐसा ही एक अमूल्य दस्तावेज है स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जगदीश प्रसाद राजवंशी जी की किताब हवालात, राजवंशी जी जो मात्र 25 वर्ष की आयु में जेल गए और लखनऊ जेल से ही जेल में बिताए अपने अनुभवों को समेटकर यह पुस्तक लिखी। यह पुस्तक न केवल उनके संघर्षों की गाथा है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करती है।
हेज़ल: क्या तुम्हें मालूम है कि कल रात किसी ने गरीब पीटर को चाकू मार कर कत्ल कर दिया?
एलिज़ाबेथ: मैं यह भी जानती हूँ कि पीटर का कातिल और कोई नहीं, बल्कि तुम्हारा पति रेमंड ही है।
हेज़ल: (हैरान होते हुए) यह नामुमकिन है! मेरे पति तो एक रोड हादसे में मर चुके हैं। वह भला पीटर की हत्या कैसे कर सकते हैं?
वाल्टर: एलिज़ाबेथ! तुम्हें हेज़ल के मरे हुए पति के बारे में ऐसा नहीं कहना चाहिए।
यहां पर कई सवाल उभरते हैं: एलिज़ाबेथ ने हेज़ल के पति रेमंड पर पीटर की हत्या का इल्जाम क्यों लगाया? आखिर यह पीटर कौन है और उसकी हत्या की वजह क्या हो सकती है? रेमंड का पीटर की हत्या से क्या संबंध हो सकता है? अगर रेमंड ने पीटर की हत्या नहीं की, तो असली कातिल कौन है? और एलिज़ाबेथ का रेमंड के साथ क्या रिश्ता है?
इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनिए एरूनिका पार्कर जोन्स द्वारा लिखी गई रहस्यमय कहानी ‘साजिशबाज़ औरत’ शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
कंप्यूटर जिसने अपने होने से पूरी दुनिया को बदल सा`दिया है | कैसे यह अविष्कार एक मनुष्य को क्रूरता की चरम सीमा तक पहुंचा सकता है |व्यक्ति के जीवन में काम का एडिक्शन उसे अपनों से दूर कर सकता है |ऐसा ही कुछ कहानी के नायक सुदीप मलिक के जीवन में चल रहा है और आज उसने क्रूरता की हद पार कर दी है और वह कटघरे में खड़ा है| सुनते हैं आकांक्षा पारे के द्वारा लिखी गई दिल को झकझोर देने वाली कहानी “शिफ्ट+कंट्रोल+ऑल्ट=डिलीट” विनीता श्रीवास्तव की आवाज में….
खूनी खेल – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
खेल खेलना तो सबको पसंद होता है बच्चों को, बड़ों को ,बूढ़ों को ,जवान को और फिर उस खेल को खेलने के लिए अगर 2500000 रुपए मिले तो क्या आप उसे खेल कहेंगे या कोई बिजनेस या फिर शौक? 2500000 का इनाम खुद को बचाने के लिए है या फिर दूसरे के मर्डर के लिए। ऐसे ही कुछ दिलचस्प कहानी है खूनी खेल, जिसमें खेल तो है 2500000रूपयों का इनाम भी है लेकिन यह खेल कोई ऐसा- वैसा खेल नहीं खूनी खेल है, जिसमें लोग को मजा़ भी ले रहे हैं और रकम भी दे रहे हैं लेकिन उस रकम का क्या मतलब , जिसका मतलब सिर्फ मौत है! कौन है वह छह खिलाड़ी ?क्या वह इस खेल में जीते? क्या शिकारी खुद शिकार हुआ? यह सारे रहस्य जानने के लिए सुनिए महेश दुबे के द्वारा लिखी गई कहानी खूनी खेल, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
एक विज्ञान के विद्यार्थी को उसके अध्यापक के द्वारा एक मानव कंकाल, शरीर विज्ञान के अध्ययन हेतु दिया जाता है, किंतु एक रात उस मानव कंकाल की आत्मा उसे अपनी मौत के पीछे की कहानी सुनाती है| क्या है वह कहानी ? इस रोचक कहानी को सुनने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में, रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी “पिंजर”…
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
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