1904 में आज ही के दिन अमेरिका के सेंट लुईस में तीसरे ओलंपिक खेलों का समापन हो गया था
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ। पिता का नाम झावेर भाई और माता का नाम लाडबा पटेल था। माता-पिता की चौथी संतान वल्लभ भाई कुशाग्र बुद्धि के थे। उनकी रुचि भी पढ़ाई में ही ज्यादा रही।आज एकता के सूत्र में बंधे भारत के लिए देश सरदार पटेल का ही ऋणी है। कहा जाता है कि एक बार उनसे किसी अंग्रेज ने इस बारे में पूछा तो सरदार पटेल ने कहा- मेरा भारत बिखरने के लिए नहीं बना।सरदार पटेल’,’लोह पुरुष’ और ‘भारत का बिस्मार्क’ की उपाधियों से इन्हें सम्मानित किया गया 1991 में ‘भारत रत्न’ से भी इन्हें सम्मानित किया गया इनका जन्म दिवस ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रत्येक वर्ष के 6 नवंबर को युद्ध और सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया। युद्ध के समय, यह पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है जैसे कि पानी को दूषित करना, जंगल को जलाना, जानवरों को मारना, आदि।
खंडू भाई देसाई का जन्म 23 अक्टूबर, 1898 ई. को गुजरात के वलसाड ज़िले में हुआ था। वलसाड में आरंभिक शिक्षा के बाद वे मुम्बई के विलसन कॉलेज में भर्ती हुए। परंतु 1920 में महात्मा गाँधी के असहयोग आंदोलन में कॉलेज का बहिष्कार करके बाहर आ गए।
21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिंद सरकार की स्थापना हुई. आज़ाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से सुभाष चन्द्र बोस ने स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई.
पांडुरंग शास्त्री एक दार्शनिक, आध्यात्मिक नेता, समाज सुधारक के रूप में जाने वाले एक जाना- माना नाम है। उनके द्वारा स्वाध्याय आंदोलन और स्वाध्याय परिवार की स्थापना की गई ।श्री भगवतगीता पर आधारित आत्मज्ञान आंदोलन उनमें से एक है। उनके जन्म दिवस को ‘मनुष्य गौरव दिन’ के रूप में मनाया जाता है 1999 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी और पहली उड़ान 1 अप्रैल 1933 को भरी थी। भारतीय वायु सेना को आजादी से पहले ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद 1950 में इसके नाम से रॉयल शब्द हटा दिया गया था। भारतीय वायु सेना ने 1933 में पहली बार उड़ान भरी थी।
संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष संस्था का गठन 16 नवम्बर 1945 को हुआ था। इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय, कानून का राज, मानवाधिकार एवं मौलिक स्वतंत्रता हेतु वैश्विक सहमति बने।
बाइबल अनुवादक ‘सेंट जेरोम’ की स्मृति में 30 सितंबर 2018 से अंतरराष्ट्रीय अनुवादक दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रों को एक साथ लाने तथा भाषा विद अनुवाद में योगदान के साथ-साथ विश्व शांति में अहम भूमिका बनाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन की घोषणा की।
कुछ कर दिखाने का सपना,
खुद पर भरोसा और हार न मानने का जज़्बा —
यही वो ताक़त है जो एक आम इंसान को खास बनाती है।
‘आम आदमी की खास कहानी’ उन लोगों की आवाज़ है
जो बिना किसी शोर-शराबे के, बिना बड़े मंच के, सिर्फ़ अपने हौसले और मेहनत के दम पर ज़िंदगी की दिशा बदल देते हैं।
ये कहानियाँ बताती हैं कि हालात कैसे भी हों, अगर इरादा साफ़ हो — तो सफ़र मुमकिन है।
🎧 अगर आप भी कुछ अलग करना चाहते हैं, तो ये कहानियाँ आपके लिए हैं।
आम आदमी की खास कहानी | Gaatha
क्योंकि हर बड़े बदलाव की शुरुआत एक आम इंसान से होती है।
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