जेनिफर: ओ डार्लिंग, बालकनी में यह कितना खूबसूरत गुलाब है! आज अपनी एनिवर्सरी पर इसे अपने बालों में सजाऊंगी।
मैक्स: क्यों नहीं डार्लिंग, आज ही तो वह स्पेशल डे है।
पुलिस: उस बालकनी से जो गिरा है, उसकी मौत हो गई है।
जेनिफर या मैक्स – कौन उस बालकनी से गिरा था? क्या यह वाकई कोई हादसा था या कोई साजिश? और अगर यह साजिश थी तो उसके पीछे क्या कारण हो सकता है? जानने के लिए आज ही सुनिए, रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी ‘साजिश’, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में
भारत वर्ष को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए हर वर्ग के लोगों—बच्चे, बूढ़े और जवान—ने आजादी के संघर्ष में अपना अमूल्य योगदान दिया। इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं, अत्याचार झेले, लेकिन अपने संकल्प को टूटने नहीं दिया।
सोचिए, कितना रोमांचकारी और प्रेरणादायक होगा यदि हम इन अनुभवों को उन्हीं की जुबानी सुनें। ऐसा ही एक अमूल्य दस्तावेज है स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जगदीश प्रसाद राजवंशी जी की किताब हवालात, राजवंशी जी जो मात्र 25 वर्ष की आयु में जेल गए और लखनऊ जेल से ही जेल में बिताए अपने अनुभवों को समेटकर यह पुस्तक लिखी। यह पुस्तक न केवल उनके संघर्षों की गाथा है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करती है।
वो कौन था |
क्या कभी ऐसा हो सकता है… कि कोई अजनबी आपको पहले ही मौत से सावधान कर जाए?”
लॉर्ड डफ़रिन के साथ एक ऐसी ही रहस्यमयी घटना घटी…
इरिश गाँव की एक खामोश रात में उन्होंने एक खौफनाक दृश्य देखा—
एक अजनबी… जिसकी पीठ पर ताबूत था… और चेहरा इतना भयावह कि वह भूलना नामुमकिन था।
सालों बाद… पेरिस के एक आलीशान होटल में,
भीड़ के बीच अचानक वही चेहरा फिर सामने आ खड़ा हुआ—
इस बार एक लिफ्ट ऑपरेटर के रूप में।
उस एक पल के फैसले ने…
लॉर्ड डफ़रिन और उनके सचिव की जान बचा ली।
क्योंकि अगले ही क्षण… वही लिफ्ट हादसे का शिकार हो गई।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बाकी है—
वो आदमी कौन था?
एक संयोग… या मौत का कोई संदेशवाहक?
और अगर वो सच में था… तो फिर गायब कैसे हो गया?
🎧 सुनिए — ‘वो कौन था’
एक ऐसी कहानी… जो आपके मन में डर नहीं, सवाल छोड़ जाएगी… सिर्फ Gaatha पर।
हेज़ल: क्या तुम्हें मालूम है कि कल रात किसी ने गरीब पीटर को चाकू मार कर कत्ल कर दिया?
एलिज़ाबेथ: मैं यह भी जानती हूँ कि पीटर का कातिल और कोई नहीं, बल्कि तुम्हारा पति रेमंड ही है।
हेज़ल: (हैरान होते हुए) यह नामुमकिन है! मेरे पति तो एक रोड हादसे में मर चुके हैं। वह भला पीटर की हत्या कैसे कर सकते हैं?
वाल्टर: एलिज़ाबेथ! तुम्हें हेज़ल के मरे हुए पति के बारे में ऐसा नहीं कहना चाहिए।
यहां पर कई सवाल उभरते हैं: एलिज़ाबेथ ने हेज़ल के पति रेमंड पर पीटर की हत्या का इल्जाम क्यों लगाया? आखिर यह पीटर कौन है और उसकी हत्या की वजह क्या हो सकती है? रेमंड का पीटर की हत्या से क्या संबंध हो सकता है? अगर रेमंड ने पीटर की हत्या नहीं की, तो असली कातिल कौन है? और एलिज़ाबेथ का रेमंड के साथ क्या रिश्ता है?
इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनिए एरूनिका पार्कर जोन्स द्वारा लिखी गई रहस्यमय कहानी ‘साजिशबाज़ औरत’ शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
बोलने वाली लड़की – ममता कालिया – शैफाली कपूर
कॉलेज के दिनों से दीपशिखा अपना नाम हमेशा अग्निशिखा बतलाती थी, क्योंकि उसे अग्नि की तरह प्रज्वलित रहना पसंद था ।बोलने में निडर ,वाचाल ।उसके इन्हीं गुणों से प्रभावित होकर कपिल ने दीपशिखा से विवाह किया किंतु शादी के बाद कपिल को दीपशिखा के यही गुण क्यों अच्छे नहीं लग रहे? क्या दीपशिखा भी अपने ससुराल में गुमसुम हो जाएगी? सुनिए बेहद भावपूर्ण कहानी बोलने वाली लड़की, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
मेला – ममता कालिया – शैफाली कपूर
कहानी में प्रयागराज में लगे कुंभ मेले का दृश्य है जहां दूर-दूर से लाखों की संख्या में लोग अपने पाप को धोने के लिए संगम में डुबकी लगाने आते हैं। क्या मात्र डुबकी लगाकर पाप से मुक्त हुआ जा सकता है ?क्या वास्तव में अध्यात्म को भी एक पेशे की दृष्टि से अपनाया जाता है? आस्था ,परंपरा इन सब बातों का अद्भुत संगम है इस कहानी में। इसी बात को रोचक ढंग से आधार बनाकर ममता कालिया ने कहानी मेला का ताना-बाना बुना है,जिसे शेफ़ाली कपूर ने उतने ही अनोखे अंदाज़ से अपनी आवाज़ से निखारा है।
एक विज्ञान के विद्यार्थी को उसके अध्यापक के द्वारा एक मानव कंकाल, शरीर विज्ञान के अध्ययन हेतु दिया जाता है, किंतु एक रात उस मानव कंकाल की आत्मा उसे अपनी मौत के पीछे की कहानी सुनाती है| क्या है वह कहानी ? इस रोचक कहानी को सुनने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में, रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी “पिंजर”…
क्या 2000 का फटा हुआ नोट किसी की किस्मत बदल सकता है ?अच्छी या बुरी ,असली सवाल तो यह है| महेश दुबे जी की बेहद दिलचस्प कहानी है 2000 का नोट , 2000 का फटा नोट अपने आस-पास के काफी़ लोगों की किस्मत बदल रहा है। लेकिन किस्मत किस तरह और किस पलड़े बैठी है ?वही इस कहानी का Main story line है नयनी दीक्षित की आवाज़ में इस बेहतरीन से लव स्टोरी का लुफ़्त उठाएं।
रक्त मंडल के 9 भाग में आपने सुना कि किस तरह गोपाल शंकर ने नगेंद्र नरसिंह के आदमियों की आंखों में धूल झोंक दी और मृत्यु किरण के बक्से को बदल दिया? साथ ही उनके पीछे अपने खास नौकर मुरारी को भी लगा दिया। मगर नगेंद्र नरसिंह ने अभी तक हार नहीं मानी और मृत्यु किरण किरण के बक्से के पीछे लगा रहा। आगे का हाल जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल भाग10 नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
अनजान,अजीब सी लडकी …जो अक्सर लाल स्कार्फ बांधे रहती…..कभी कभी काला भी… लड़की जब घरौंदे बनाती तो लाल स्कार्फ पहनती और जब उनको मिटाती तो काला आखिर क्या राज है इसके पीछे ?जानने के लिए सुनते हैं कहानी लाल स्कार्फ वाली लड़की ,अंजू जेटली की आवाज में
कुएँ का राज – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
200 साल पुरानी एक कोठी, एक बहुत ही पुरानी इमारत और उसके अंदर एक कुआं ।जिसके राज़ को वहां के बाशिंदे आज तक नहीं जान पाए ।ऐसी कौन सी बातें हैं उस कुंए की?जिसे सॉल्व करने के लिए वहाँ पर रहने वाले लोगों को इंस्पेक्टर फ़रीदी की मदद लेनी पड़ी ।घर के अंदर से आती हुई जानवरों की चीखें ,रोज मरते जानवर और फिर आखिरकार एक इंसान ।कुंए के अंदर मिली लाशें, किसी भूत का साया है या किसी की चली हुई चाल और आखिर चली हुई चाल है तो क्यों ?यह सारे राज़ अगर आप जानना चाहते हैं तो सुनिए इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानियों की सीरीज़ कुंए का राज़ नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
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