पंडित गोपाल शंकर को भी उसी प्रकार की एक चिट्ठी मिली जो रक्त मंडल गिरोह से आई थी रक्त मंडल गिरोह के बारे में जानने के लिए गोपाल दास ने अपनी खुफिया लाइब्रेरी से किताब निकाली और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए किंतु भयानक चार नामक के मुखिया के बारे में अभी तक उसे कोई जानकारी नहीं प्राप्त हो पाई। क्या उन्हें इस किताब के जरिए कुछ पता चल पाएगा? क्या पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाने के बाद मिस्टर कैमिन और रोज़ को इसके बारे में और इस किताब के बारे में कुछ बता पाएंगे? इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी का अगला भाग नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नगेंद्र नरसिंह कामनी से 1 महीने बाद मिलने का वादा कर अपने लक्ष्य की ओर चल पड़ा। क्या नरेंद्र नर्सिंग रास्ते में पकड़ा गया? और वहीं दूसरी तरफ नेपाल के राजा विक्रम सिंह अपनी हुकूमत अंग्रेज़ों को देने के लिए तैयार हो गए? या अंग्रेजों के साथ जंग लड़ते -लड़ते ढेर हो गए? क्या हुआ नेपाल का हाल? सुनिए इस भाग में…
क्त मंडल के भाग 7 में आपने सुना था कि किस तरह गोपाल शंकर भेष बदलकर नगेंद्र और केशव के किले तक का रास्ता बनाकर पहुंच जाते हैं? क्या लिखा था उस चिट्ठी में जो गोपाल शंकर ने बुड्ढे के बेस में नगेंद्र के हाथ में दी थी ?और भयानक चार और नगेंद्र सिंह की कमेटी में क्या बातें हुई और नगेंद्र सिंह ने कमेटी को क्या सलाह दी ?क्या यह सलाह देश के हित में थी या अहित में ?जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का भाग 8 नयनी दीक्षित की आवाज़में..।
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि पंडित गोपाल शंकर मुरारी को सभी काम समझा कर काशी के लिए रवाना हो जाते हैं ।दूसरी तरफ मिस्टर केमिन गंगा किनारे घूमते हुए एक छोटे से लड़के को डूबने से बचाते हैं। कौन है यह लड़का ?और उसको डूबता हुआ छोड़कर नाव में सवार दो आदमी क्यों भाग गए ?कौन है वह नौजवान जो उन आदमियों से उस डूबते हुए बच्चे के बारे में पूछ रहा है ?नाव को डुबोकर बज़ड़े को कहां ले जाया गया और इसके आगे क्या हुआ जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का यह भाग.
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि मि.ग्रिफ्रि़त और रतन सिंह के बीच बातचीत हुई कि किस प्रकार नेपाल सरकार को भारत सरकार के साथ मिलाया जाए? और किस तरह उस किले पर हमला किया जाए? क्योंकि वह किला जो कि रक्त मंडल का अड्डा बन चुका था। वह किला नेपाल सरकार के अधीन नहीं है और एक स्वतंत्र भूमि पर बना हुआ है ।इसके बाद के केमिन साहब और उनके दल से मि.ग्रिफ्रि़त में क्या बातचीत की? और आगे क्या हुआ? सुनिए इस भाग में…
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि बाबू बटुक चंद की हत्या कर दी और उनका बेटा कहीं गायब है और किस तरह से रक्त मंडल के सिपाहियों ने सरकारी खज़ाने को रास्ते से ही लूट लिया बड़े से बड़े अफसर भी उनका मुकाबला नहीं कर पाए। मृत्यु किरण से छोड़े गए गोले पूरे लश्कर को ले डूबे। रक्त मंडल के सदस्य सरकारी खज़ाने को अपने साथ ले गए आगे क्या हुआ? जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज़ में रक्त मंडल का यह भाग…
रक्तमंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि कैप्टन कैप्टन फ़्युगैसन को अपना कैंप नष्ट कर देने के लिए संदेशा आया जो रक्त मंडल की तरफ से था। अमर सिंह जो रक्त मंडल गिरोह का बहुत ही उम्दा जवान सैनिक था, किले के अंदर उसे बारूद और मैगज़ीन को नष्ट करने के लिए भेजा गया लेकिन वहां उसकी मुलाकात अपने बरसो पहले बिछड़े पिता रघुवीर सिंह से हुई। रघुवीर सिंह उस किले के प्रधान अधिकारी थे क्या बाप और बेटे एक दूसरे से मिल पाए? अमर सिंह ने मैगजीन नष्ट करने पर अपनी जान भी गंवा दी। आगे क्या हुआ जाने के लिए सुनिए रक्त मंडल के इस भाग को नयनी दीक्षित की आवाज़ में..।
बाबू बटुक चंद्र का बेटा किसी के द्वारा अगवा कर लिया जाता है और फिरौती में ₹100000 की मांग की जाती है एक तो बच्चे के अगवा होने के कारण और दूसरा खुद राय साहब ना बन पाने के कारण बटुक चंद बुरी तरह से आहत हो जाते हैं और वह चाह कर भी पुलिस की मदद नहीं ले पाते क्या होगा उनके बेटे का जो अभी तक अगवा है आगे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल
क्त मंडल के भाग 7 में आपने सुना था कि किस तरह गोपाल शंकर भेष बदलकर नगेंद्र और केशव के किले तक का रास्ता बनाकर पहुंच जाते हैं? क्या लिखा था उस चिट्ठी में जो गोपाल शंकर ने बुड्ढे के बेस में नगेंद्र के हाथ में दी थी ?और भयानक चार और नगेंद्र सिंह की कमेटी में क्या बातें हुई और नगेंद्र सिंह ने कमेटी को क्या सलाह दी ?क्या यह सलाह देश के हित में थी या अहित में ?जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का भाग 8 नयनी दीक्षित की आवाज़में..।
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नगेंद्र नरसिंह कामनी से 1 महीने बाद मिलने का वादा कर अपने लक्ष्य की ओर चल पड़ा। क्या नरेंद्र नर्सिंग रास्ते में पकड़ा गया? और वहीं दूसरी तरफ नेपाल के राजा विक्रम सिंह अपनी हुकूमत अंग्रेज़ों को देने के लिए तैयार हो गए? या अंग्रेजों के साथ जंग लड़ते -लड़ते ढेर हो गए? क्या हुआ नेपाल का हाल? सुनिए इस भाग में…
रक्त मंडल के भाग 8 में सुना कि पंडित गोपाल शंकर बूढ़े का भेष बनाकर किले के अंदर से जरूरी सामान जैसे ज़हाज ,बेतार के तार के यंत्र सब कुछ जरूरी सामान लेकर चकमा हो जाता है ।इधर नगेंद्र रक्त मंडल गिरोह के सेनापति के रूप में नियुक्त किया जाता है। और वह युद्ध की तैयारियों में लग जाता है। वापस आने के बाद गोपाल शंकर जी की मुलाकात वाहिद अली खान और मैकडॉनल्स सलाइस् से हुई जो उस प्रांत के लाड साहब है। मृत्यु किरण देखने और जानने के बाद गोपाल शंकर और मैकडॉनल्ड में क्या बातचीत हुई इसे पूरा जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल भाग 9 नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
कहानी अंतिम प्रश्न ऐसी कहानी है जब शेरलॉक होम्स को एक बड़े गिरोह के एक डॉन ने मार दिया है| तो अंतिम प्रश्न यह है कि शेरलॉक होम्स के मारे जाने के बाद उस ग्रुप के आदमी को पकड़ा जा सकेगा ?ऐसी कौन-कौन सी चीजें कर रहा था |शेरलॉक होम्स उस आदमी के पीछे क्यों था और उसकी मौत हो गई है या शेरलॉक होम्स अभी भी जिंदा है ? क्या होगा उस गिरोह के माफिया का अंजाम क्योंकि इतने सालों में शेरलॉक होम्स उसे क्यों पकड़ नहीं पाए
बोहेमिया की बदनामी कहानी कि शेरलॉक होम्स के पास बोहेमिया के एक राजा आते हैं और वह बताते हैं कि वह इस चीज के डर से बहुत परेशान है कि कोई उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है| क्या शेरलॉक होम्स को ब्लैकमेल करने वाली महिला को पकड़ पाएंगे और अगर जब उस महिला को पकड़ पाते हैं तो उसका अंजाम क्या होता है? क्यों शेरलॉक होम्स से उस महिला का नाम एक खास औरत रख दिया? ऐसा क्या हुआ था शेरलॉक होम्स के साथ कि उनको उस महिला को इतना ऐडमायर करने लगे थेऔर क्या बोहेमिया के राजा को बदनामी से बचा पाए ?
खाली मकान का रहस्य क्या है और ऐसा क्या हो रहा है कि खाली मकान होने के बावजूद लोगों का मर्डर हो रहा है तो कैसे उस खाली मकान के अंदर भी लोग मर रहे हैं और किस तरह अपराधी को पकड़ने में मदद करते हैं
कभी -कभी दूसरे की खुशियां इंसान खुद जब महसूस करता है, तब वह जान पाता है कि अपने अंदर की खाली गुफा से या अपने अंदर के खालीपन से वह कैसे बाहर आ सकता है ? जब इंसान अपने स्टैंडर्ड को बहुत बहुत ही ऊंचा समझने लगता है और उसे लगता है कि उसके साथ तालमेल बैठाने के लिए दूसरे इंसान को उस तक पहुंचना होगा |तो कभी-कभी अपने दंभ से बहुत अकेला पड़ जाता है | इस कहानी का महेंद्र अपने दिल की इस खाली गुफा से कैसे बाहर निकलता है?
द्रौपदी ‘सत्य की जीत’ खण्डकाव्य की नायिका है |राजा द्रुपद की पुत्री, धृष्टद्युम्न की बहन तथा युधिष्ठिर सहित पाँचों पाण्डवों की पत्नी है। अत्यधिक विकट समय होते हुए भी वह बड़े आत्मविश्वास से दु:शासन को अपना परिचय देती हुई कहती है|
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि गोपाल शंकर और मिस्टर केमिन किले पर धावा बोल चुके हैं। किस तरह नगेंद्र नरसिंह गोपाल शंकर को रोज़ के साथ तहखाने में कैद कर , गुब्बारे की सहायता से ऊपर चले गए ।क्या गोपाल शंकर और रोज़ की मौत हो गई ?गोपाल शंकर और मि. केमिन के द्वारा बनाई गई योज़ना सफल हो पाई । इसके आगे के भाग को सुनने के लिए सुनते हैं कहानी का यह हिस्सा
ख़ौफ़नाक इमारत – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
क्या ऐसी कोई इमारत आपने देखी है जिसके अंदर बनी हुई सालों पुरानी कब्र से मुर्दा निकलकर लोगों का मर्डर कर दे? और आखिर वह मुर्दा ऐसा क्यों कर रहा है? क्या सचमुच उसके अंदर मुर्दा है या कहानी कुछ और ही है ?क्या इस सीरीज़ का जासूस इमरान इन लोगों का पता लगा पाएगा? कौन है यह मुर्दा? मुर्दा है या फिर कोई जिंदा व्यक्ति? कौन कातिल है और कौन शिकारी ? इब्रेसफ़ी की सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर कहानियों की सीरीज़ सुनिए ख़ौफ़नाक इमारत मे, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
“आसिफ़: “”यार, ऐसे कैसे चलेगा? कुछ तो आईडिया लगाना पड़ेगा।””
अशफ़ाक: “”हां, यार, कोई ऐसा जुगाड़ करना पड़ेगा कि मेहनत भी ना करें और रातों-रात अमीर भी बन जाए।””
फ़रहान: “”जब मालामाल हो जाएंगे तो चल देंगे अमेरिका।””
आमिर: “”और होगी अपनी ऐश ही ऐश।””
परवेज़: “”मेरे पास एक सॉलिड आईडिया है, और मैं कहता हूं कि यह 100% काम करेगा।””
परवेज़ के पास ऐसा कौन सा आईडिया था जो पांचो दोस्तों को रातों-रात अमीर बना सकता था? क्या परवेज़ के आईडिया से पांचो दोस्त अमीर हो सके? जानने के लिए मिर्जा हैदर अब्बास के द्वारा लिखी गई कहानी ‘धोखा’, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
ख़ौफ़नाक इमारत – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
क्या ऐसी कोई इमारत आपने देखी है जिसके अंदर बनी हुई सालों पुरानी कब्र से मुर्दा निकलकर लोगों का मर्डर कर दे? और आखिर वह मुर्दा ऐसा क्यों कर रहा है? क्या सचमुच उसके अंदर मुर्दा है या कहानी कुछ और ही है ?क्या इस सीरीज़ का जासूस इमरान इन लोगों का पता लगा पाएगा? कौन है यह मुर्दा? मुर्दा है या फिर कोई जिंदा व्यक्ति? कौन कातिल है और कौन शिकारी ? इब्रेसफ़ी की सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर कहानियों की सीरीज़ सुनिए ख़ौफ़नाक इमारत मे, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
चट्टानो में आग – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
जासूसी कहानी चट्टानों में आग की पूरी कहानी एक मिलिट्री अफ़सर के इर्द-गिर्द घूमती है ।जो नशीली पदार्थों की तस्करी करने वाला गिरोह है। कर्नल ज़रग़ाम उस गिरोह में जब नहीं शामिल होना चाहता तो उसे धमकियाँ मिलनी शुरू हो जाती है ।ऐसे में परेशान ज़रग़ाम ,कैप्टन फ़ैयाज़ से मदद के लिए लिखता है और कैप्टन फ़ैयाज़ ,इमरान को उसकी मदद के लिए भेजता है क्या इमरान अपनी सूझबूझ से नकली दवाइयां बेचने वाले गिरोह को गिरोह का पर्दाफाश कर पाएगा पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं चट्टानों में आग, नयनी दीक्षित की आवाज में..
Reviews for: Raktmandal (रक्तमंडल) – Part 3