मानव है मेरे राम – Episode -64 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों रावण ने सीता के अपहरण के लिए पुष्पक विमान का प्रयोग नहीं किया | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -19 – Dr. Pradeep Dixit
मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -58 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए राम की नेतत्व क्षमताओं के बारे में | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -72 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए राम ने लक्ष्मण को क्या राजाज्ञा दी ? मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -37 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे किया राम ने हनुमान के व्यक्तित्व का विश्लेषण | मानव है मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -61 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे राम का व्यक्तिगत युद्ध बना जन युद्ध | राम ने मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -27 – Dr. Pradeep Dixit
मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -53 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे हनुमान ने किया लंका भ्रमण का वर्णन राम से भाग -3 || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -16- Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे मनाया गया दंडकारण्य में राम का जन्मदिवस, “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -30 – Dr. Pradeep Dixit
मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -12- Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों राम के कारण ऋषियों को खतरा था चित्रकूट में । “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -25 – Dr. Pradeep Dixit
मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -17 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों दस सालों तक माता सीता की गोद खली रही ? “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -59 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों आया राम को सागर पर क्रोध | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -48 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए राम ने क्या लक्ष्य दिए हनुमान को || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -32 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों उठी सीता के मन में स्वर्ण मृग को पाने की चाह | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -67 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए रावण ने कौन से महा अवसर को छोड़ दिया, जिसके कारण मेघनाथ का वध हुआ | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -63 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए राम – रावण के युद्ध का वास्तविक उद्देश्य | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -44 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों राम, सुग्रीव की सेना का नेतत्व ग्रहण नहीं करते | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय 16
दैवासुर सम्पद्विभाग योग
मनुष्य के भीतर दो प्रकार की प्रवृत्तियाँ होती हैं—दैवी और आसुरी।
भगवान श्रीकृष्ण गीता के इस महत्वपूर्ण अध्याय में इन दोनों स्वभावों का विस्तार से वर्णन करते हैं।
दैवी गुण जैसे निडरता, सत्य, करुणा, क्षमा, विनम्रता और आत्मसंयम मनुष्य को उन्नति, शांति और मोक्ष की ओर ले जाते हैं। वहीं अहंकार, क्रोध, लोभ, छल, हिंसा और असत्य जैसी आसुरी प्रवृत्तियाँ व्यक्ति को दुःख, अशांति और पतन की ओर धकेलती हैं।
यह अध्याय हमें स्वयं के भीतर झाँकने का अवसर देता है और बताता है कि जीवन में वास्तविक सफलता केवल बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि हमारे चरित्र और आचरण से निर्धारित होती है।
🎧 सुनिए “श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय 16 : दैवासुर सम्पद्विभाग योग” और जानिए कि दैवी गुणों को अपनाकर तथा आसुरी प्रवृत्तियों से बचकर हम अपने जीवन को कैसे अधिक सार्थक, शांत और उद्देश्यपूर्ण बना सकते हैं।
केवल Gaatha पर।
हर श्लोक में जीवन का एक नया दृष्टिकोण। 🙏📖
Shrimad Bhagwat Gita adhyay-18 By Sri Anup Jalota
Credit: International Gita society
Shrimad Bhagwat Gita adhyay-15 By Sri Anup Jalota
Credit: International Gita society
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