मानव है मेरे राम – Episode -10- Dr. Pradeep Dixit
जानिए किस तरह राम ने अपनी नेतृत्व कुशलता से अयोध्या में होने वाले जन विद्रोह को रोका । “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -31 – Dr. Pradeep Dixit
कैसे प्रमाणित किया राम ने स्वयं को पतियोत्तम | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -60 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों की राम ने रामेश्वरम की स्थापना | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -78 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्या व्याख्या दी भद्र ने राम-राज्य और राम मूल्यों की || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -7- Dr. Pradeep Dixit
सुनिए राम द्वारा किये गए धनुष भंग की अनसुनी कहानी | “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -55 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे किया हनुमान ने सीता मिलन का वर्णन || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -67 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए रावण ने कौन से महा अवसर को छोड़ दिया, जिसके कारण मेघनाथ का वध हुआ | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -8- Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों नारद ने राम विवाह के मुहूर्त को अशुभ कहा था ? “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -40 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों बनना पड़ा राम को याचक | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -15- Dr. Pradeep Dixit
राम ने प्यार करना सिखाया दंडकारण्य में, “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode – 2- Dr. Pradeep Dixit
जानिए महर्षि विश्वामित्र के द्वारा श्री राम के रूपांतरण की कहानी “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में। मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l अगली कड़ी में जानिए महर्षि विश्वामित्र द्वारा तड़का वध के लिए राम को पुरस्कार स्वरुप दी गयी ब्रह्म शक्तियों के बारे में I
मानव है मेरे राम – Episode -38 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे हुआ राम और सुग्रीव का मिलन | मानव है मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -45 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे की राम ने सीता अन्वेषण की शुरुआत | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -66 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए कैसे किया राम ने कुम्भकरण का वध | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -48 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए राम ने क्या लक्ष्य दिए हनुमान को || मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode – 5- Dr. Pradeep Dixit
सुनिए क्यों अहिल्या और इंद्रा दोनों एक दूजे के लिए थे, “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode – 3- Dr. Pradeep Dixit
जानिए महर्षि विश्वामित्र द्वारा तड़का वध के लिए राम को पुरस्कार स्वरुप दी गयी ब्रह्म शक्तियों के बारे में, “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l अगली कड़ी में जानिए कहाँ गाया जाता है, राम को जगाने वाला श्लोक I
Maa Chandraghanta
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा होती है।चन्द्रघंटा देवी का स्वरूप तपे हुए स्वर्ण के समान कांतिमय है।चेहरा शांत एवं सौम्य है और मुख पर सूर्यमंडल की आभा छिटक रही होती है। माता के सिर पर अर्ध चंद्रमा मंदिर के घंटे के आकार में सुशोभित हो रहा जिसके कारण देवी का नाम चन्द्रघंटा हो गया है।अपने इस रूप से माता देवगण, संतों एवं भक्त जन के मन को संतोष एवं प्रसन्न प्रदान करती हैं। मां चन्द्रघंटा अपने प्रिय वाहन सिंह पर आरूढ़ होकर अपने दस हाथों में खड्ग, तलवार, ढाल, गदा, पाश, त्रिशूल, चक्र,धनुष, भरे हुए तरकश लिए मंद मंद मुस्कुरा रही होती हैं। इस देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाईं देने लगती हैं। इन क्षणों में साधक को बहुत सावधान रहना चाहिए। इस देवी की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है। इसलिए हमें चाहिए कि मन, वचन और कर्म के साथ ही काया को विहित विधि-विधान के अनुसार परिशुद्ध-पवित्र करके चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना करना चाहिए। इससे सारे कष्टों से मुक्त होकर सहज ही परम पद के अधिकारी बन सकते हैं। यह देवी कल्याणकारी है।मां चंद्रघंटा की पूजा करने से जातक के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जन्म-जन्म का डर समाप्त हो जाता है और जातक निर्भय बन जाता हैं।
Chants credit- Jyoti upreti sati
मानव है मेरे राम – Episode -64 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों रावण ने सीता के अपहरण के लिए पुष्पक विमान का प्रयोग नहीं किया | मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -24 – Dr. Pradeep Dixit
मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
Reviews for: Manav Hain Mere Ram | Episode – 10