आत्मरक्षा आत्मनिर्भरता पर संदेश बेटियों को इस कविता के द्वारा दिया गया है
Maa ही जगत की निर्माता होती है उसका आशीष हमें सभी संकटों से दूर करता है कविता में इसका उल्लेख किया गया
तुलसीदास के जीवन में रत्नावली की भूमिका को बयान करती हुई है कविता
Maa ही जगत की निर्माता होती है उसका आशीष हमें सभी संकटों से दूर करता है कविता में इसका उल्लेख किया गया
तुलसीदास के जीवन में रत्नावली की भूमिका को बयान करती हुई है कविता
अमृता अपने सपने लिखतीं थीं अपनी डायरी में।
उनींदे सपने, गहरी नींद के सपने, जागती आंखों के सपने…
ये कुछ सपने जो उन्होंने 2001 से ले कर 2003 के बीच देखे और लिखे। कुछ सपनों पर कविता या नज़्म लिखी, कुछ को बस उड़ने के लिए छोड़ दिया।
उनकी आत्मा की चेतना तक पहुंचाते हैं ये सपने
सुनते हैं, मैं तुम्हें फिर मिलूँगी काव्य संग्रह में दर्ज़ अमृता के कुछ सपने, गाथा ऐप्प पे, पल्लवी गर्ग की आवाज़ में
कभी कभी हमें खुद नहीं पता होता की हम अपने संदूकों में क्या क्या अद्भुत छुपाए बैठे हैं
ठंडी वायु के चलने से प्रकृति और समस्त जीव धारियों में उसका कैसा प्रभाव पड़ रहा है इस बात को दर्शाती यह कविता
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