यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो अपनी बाल विधवा पड़ोसन से प्रेम तो करता है किंतु समाज और अन्य भय से कह नहीं पाता। वहीं उसका एक मित्र जो कि उसी से कविताएं सीखने आता है, उसी की लिखी कविताएं सुनाकर उसकी पड़ोसन से प्रेम विवाह कर लेता है।
अनुशासन पर्व में कुल मिलाकर 168 अध्याय हैं। अनुशासन पर्व के आरम्भ में 166 अध्याय दान-धर्म पर्व के हैं। इस पर्व में भी भीष्म के साथ युधिष्ठिर के संवाद का सातत्य बना हुआ है। भीष्म युधिष्ठिर को नाना प्रकार से तप, धर्म और दान की महिमा बतलाते हैं और अन्त में युधिष्ठिर पितामह की अनुमति पाकर हस्तिनापुर चले जाते हैं। भीष्मस्वर्गारोहण पर्व में केवल 2 अध्याय (167 और 168) हैं। इसमें भीष्म के पास युधिष्ठिर का जाना, युधिष्ठिर की भीष्म से बात, भीष्म का प्राणत्याग, युधिष्ठिर द्वारा उनका अन्तिम संस्कार किए जाने का वर्णन है। इस अवसर पर वहाँ उपस्थित लोगों के सामने गंगा जी प्रकट होती हैं और पुत्र के लिए शोक प्रकट करने पर श्री कृष्ण उन्हें समझाते हैं।महाभारत की कहानियों में से एक कहानीअनुशासन पर्व में ,जिसे सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
Saguni was a poor little girl, whose dream was to study in a school, Ipsa, another little girl of class five make Saguni’s dream come true.
यह कहानी गड़बड़ और सड़बड़ नाम के दो भाईयों की है जो हैं तो जुड़वा लेकिन आदतों से एकदम विपरीत।
हमदर्दी – Alka saini (अल्का सैनी ) – Shivani Anand
एक अमीर आदमी बिना ज़रूरत के भी अपने ऊपर हजारों- लाखों रुपयों को बेमतलब में ख़र्च कर देता है किंतु किसी गरीब की एक छोटी सी मदद करने के लिए क्यों उसके हाथ सिकुड़ जाते हैं? अमीरी -गरीबी के रिश्तो को समझाती हुई अलका सैनी की एक कहानी हमदर्दी सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज़ में…
जिससे तुम्हारा नुकसान हो रहा हो, उससे अलग ही रहना अच्छा है, चाहे वह उस समय के लिए तुम्हाहरा दोस्तु भी क्यों न हो।पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी दो घड़े, निधि मिश्रा की आवाज में
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