उर्वशी एक आधुनिक लड़की है जो होशियार होने के साथ ही जीवन में कुछ कर दिखाने की चाहत रखती है। प्रेम विवाह कर पति से उपेक्षित होने के बाद भी उसने हिम्मत न हारते हुए अपनी जिंदगी में कुछ कर दिखाने की चाहत को पूरा करने का प्रयास किया जिसमें उसकी खूबसूरती ही उसके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई। उसकी जिंदगी एक कटी पतंग की तरह झूलने लगी।
एक बार युधिष्ठिर नामक कुम्हार के माथे में में घड़े की नोक से चोट लग जाती है |घाव इतना गहरा होता है कि ठीक होने के बाद भी उसका निशान नहीं जाता है | वहां का राजा कुम्हार के सिर पर चोट का निशान देखकर उसे एक वीर पुरुष समझकर अपने यहां सैनिक के रूप में भर्ती कर लेता है |कहानी में आगे क्या होता है?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी कुम्हार की कहानी, शिवानी आनंद की आवाज में…
This story contains the description of a tarbooj (watermelon) and the whole world inside it.
कर्ण को पिता अधिरथ के समान रथ चलाने की बजाय युद्ध कला में अधिक रुचि थी| कर्ण ,परशुराम जी के पास अपने को ब्राह्मण बता कर युद्ध कला की शिक्षा ले रहे थे, किंतु जब परशुराम को उनके ब्राह्मण ना होने की सच्चाई का पता चला, तब आगे क्या हुआ? इसके पीछे कौन सी कहानी छिपी हुई है? इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी कर्ण को श्राप, शिवानी आनंद की आवाज में…
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