याज्ञवल्क्य नाम के मुनि ने एक एक चुहिया उसे कन्या का रुप दे दिया, और अपने आश्रम में ले आये |अपनी ही लड़की की तरह उसका लालन-पालन किया | कन्या विवाह का समय आया ,तब कन्या ने किसको वर के रूप में चुना ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानी चुहिया का स्वयंवर, शिवानी आनंद की आवाज में…
अतृप्त आत्माओं से भरे एक महल की कथा जिसका एक एक पत्थर जिंदा व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
एक बार युधिष्ठिर नामक कुम्हार के माथे में में घड़े की नोक से चोट लग जाती है |घाव इतना गहरा होता है कि ठीक होने के बाद भी उसका निशान नहीं जाता है | वहां का राजा कुम्हार के सिर पर चोट का निशान देखकर उसे एक वीर पुरुष समझकर अपने यहां सैनिक के रूप में भर्ती कर लेता है |कहानी में आगे क्या होता है?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी कुम्हार की कहानी, शिवानी आनंद की आवाज में…
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तबतक जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
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