अनुशासन पर्व में कुल मिलाकर 168 अध्याय हैं। अनुशासन पर्व के आरम्भ में 166 अध्याय दान-धर्म पर्व के हैं। इस पर्व में भी भीष्म के साथ युधिष्ठिर के संवाद का सातत्य बना हुआ है। भीष्म युधिष्ठिर को नाना प्रकार से तप, धर्म और दान की महिमा बतलाते हैं और अन्त में युधिष्ठिर पितामह की अनुमति पाकर हस्तिनापुर चले जाते हैं। भीष्मस्वर्गारोहण पर्व में केवल 2 अध्याय (167 और 168) हैं। इसमें भीष्म के पास युधिष्ठिर का जाना, युधिष्ठिर की भीष्म से बात, भीष्म का प्राणत्याग, युधिष्ठिर द्वारा उनका अन्तिम संस्कार किए जाने का वर्णन है। इस अवसर पर वहाँ उपस्थित लोगों के सामने गंगा जी प्रकट होती हैं और पुत्र के लिए शोक प्रकट करने पर श्री कृष्ण उन्हें समझाते हैं।महाभारत की कहानियों में से एक कहानीअनुशासन पर्व में ,जिसे सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
एक बार कृष्णदेव राय के चार प्रिय बेशकीमती फूलदानों में से एक फूलदान उनके सेवक रमैया के द्वारा टूट जाता है| कृष्णदेवराय उसे इस मामूली से अपराध के लिए फांसी की सजा सुना देते हैं ,अब तेनाली रामा किस प्रकार अपने चातुर्य से रमैया की जान बचाता है?? साथ ही कृष्णदेवराय को भी किस प्रकार अपनी गलती का एहसास होता है? इस रोचक किस्से को सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी बेशकीमती फूलदान, शिवानी आनंद की आवाज में…
यह कहानी ऐसी वृद्ध महिला की है| जिसमें जीवन -पर्यंत अपना स्वाभिमान नहीं छोड़ा| किसी की दया पर जीना उसे कभी गवारा नहीं हुआ| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी गुदड़ी में लाल ,शिवानी आनंद की आवाज में
रेवती एक आधुनिक युग की लड़की है जिसे रूढ़िवादी विचार न तो पसंद हैं और न ही वह उन्हें अपना सकती है। वह हर कदम पर समाज से लड़ते हुए अंत में अपने बॉस प्रशांत से विवाह का निर्णय लेती है जोकि उसकी बिरादरी का नही है।
यतीन की मुलाकात चुनिया से उसकी चचेरी बहन पटल के घर पर होती है। अपने मजाकिया स्वभाव के चलते पटल दोनों को खूब छेड़ती है जिससे तंग आकर यतीन तो अपने घर चला आता है पर चुनिया उसका जाना सहन नहीं कर पाती और घर छोड़ कर चली जाती है। काफी समय बाद वह यतीन को फिर मिलती है हमेशा के लिए चले जाने के लिए।
यह कहानीराजकुमारी अंजलि की है जो एकचुड़ैल के कब्जे में है राहुल, विजय सविता,मानसी और उसके पिता एक दिन एक नदी के किनारे खेल रहे होते हैं अचानक से उन्हें राजकुमारी अंजली का पता चलता है क्या राहुल विजय सविता मानसी और उसके पिता अपनी कोशिशों से अंजलि को उस चुड़ैल के कब्जे से बचा पाते हैं क्या होता है उस चुड़ैल का पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं मंजरी गायकवाड के द्वारा लिखी गई कहानी कहानियों की दुनिया ..शिल्पा की आवाज में |
युधिष्ठिर की लोकप्रियता हस्तिनापुर में बढ़ती जा रही थी और पितामह भीष्म चाहते थे कि उन्हें ही युवराज घोषित किया जाए |किंतु शकुनी जो कि दुर्योधन का मामा था, उसने अपने छल कपट से युधिष्ठिर उसके अन्य भाइयों को मारने की योजना बनाई ताकि उस का भांजा दुर्योधन हस्तिनापुर का युवराज बन सके| इस योजना के तहत उसने जलाने का प्रयत्न किया और लाक्षागृह का निर्माण करवाया| इसके आगे क्या हुआ? क्या शकुनी अपनी इस योजना में सफल हुआ? सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी लाक्षागृह का षड्यंत्र, शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी नौकरी पेशा पति -पत्नी नीना और शौनक की है |उनकी इस डेढ़ साल की छोटी सी बच्ची है सुजाता| समस्या यह है कि उस मासूम सुजाता के लिए की देखभाल के लिए उन दोनों के पास वक्त नहीं है, ऐसे में उनके द्वारा किए गए सारे प्रयास विफल भी हो रहे हैं| आखिर अब कैसे नीना और शौनक यह समस्या दूर होती है |और सुजाता को भी भरपूर प्यार कैसे मिलता है| जानने के लिए सुनते हैं सूर्यबाला के द्वारा लिखी गई कहानी माय नेम इश ताता , निधि मिश्रा की आवाज में
महाभारत के युद्ध में कर्ण के बाणों से युधिष्ठिर का शरीर आच्छादित हो चुका था और उनकी पराजय लगभग तय थी किंतु उसी क्षण ऐसा क्या हुआ युधिष्ठिर अपने प्राण कर्ण के बाणों से बचा पाए ,पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में महाभारत की कहानी में से एक कहानी युधिष्ठिर की पराजय
एक ही मां के अंश यानी सिबलिंग्स,यह रिश्ता बहुत खास होता है वह छोटी-छोटी नोकझोंक, वह साथ-साथ हंसना ,रोना और और अपनी कुछ खास बातों को सिर्फ उनके साथ बांटना |समय की रफ्तार में अगर यह रिश्ते आप से दूर चले गए हैं ,तो फिर से उन्हें अपने नजदीक जरूर लाइए |कैसे? जानते हैं इस खूबसूरत एहसास को, अंगोना साहा के साथ..
Reviews for: Anushasan parv (अनुशासन पर्व )