30 seconds of positive energy, positive poetry.
“जो हरदम अपनी मनमानी को आतुर हो ,शायद उन्होंने यमराज के संदेश नहीं देखे “ ,क्या वास्तव में हर एक बात की कोई सीमा है? नहीं ….इस कविता को सुनने के बाद यथार्थ का ज्ञान हो जाता है |अनुपम ध्यानी की आवाज में कविता “जो ‘”….
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