सत्यान्वेषी – Byomkesh Bakshi (व्योमकेश बक्शी) – Nayani Dixit
सबसे पहले कहानी ब्योमकेश बक्शी के संकलन में है सत्यान्वेषी कहानी में सबसे पहली बार व्योमकेश और अजीत बंदोपाध्याय का एक दूसरे से मिलते हैं और एक दूसरे के दोस्त हो जाते हैं |लेकिन व्योमकेश बख्शी अपना इतना बड़ा घर छोड़कर एक सराय में रहने के लिए जाते हैं उन्हें ऐसा क्या पता करना है उस सराय के चारों ओर जो उन्हें अपना इतना बड़ा घर छोड़कर जाना मजबूर करता है और अजीत इसमें ब्योमकेश बक्शी का साथ कैसे देते हैं ?
बोहेमिया की बदनामी कहानी कि शेरलॉक होम्स के पास बोहेमिया के एक राजा आते हैं और वह बताते हैं कि वह इस चीज के डर से बहुत परेशान है कि कोई उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है| क्या शेरलॉक होम्स को ब्लैकमेल करने वाली महिला को पकड़ पाएंगे और अगर जब उस महिला को पकड़ पाते हैं तो उसका अंजाम क्या होता है? क्यों शेरलॉक होम्स से उस महिला का नाम एक खास औरत रख दिया? ऐसा क्या हुआ था शेरलॉक होम्स के साथ कि उनको उस महिला को इतना ऐडमायर करने लगे थेऔर क्या बोहेमिया के राजा को बदनामी से बचा पाए ?
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
दुःशासन शस्त्र-बल को सब कुछ समझता है। उसे धर्म-शास्त्र और धर्मज्ञों में कोई विश्वास नहीं है। इन्हें तो वह शस्त्र के आगे हारने वाले मानता है
कहानी मनुष्य की उस मानसिकता की ओर इंगित करती है कि कभी-कभी प्रसिद्धि पाने और नाम कमाने की अति महत्वाकांक्षा में मनुष्य सही और गलत में अंतर नहीं कर पाता है | ऐसा ही कुछ कहानी के नायक गुरदास के साथ हो रहा है | बचपन से गुरदास के अंदर नाम कमाने और प्रसिद्ध होने की अति महत्वाकांक्षा कूट-कूट कर भरी हुई थी |दुर्भाग्य से उसके साथ कुछ ऐसा नहीं हुआ कि उसे प्रसिद्धि मिलती | गुरदास के बड़े होने पर भी यह महत्वाकांक्षा किस चरम सीमा तक पहुंच चुकी है? क्या उसका यह सपना पूरा हो पाता है ?अगर होता है ,तो कैसे ?यशपाल के द्वारा लिखी गई एक बेहद रोचक कहानी अख़बार में नाम , सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
Credit: Josh Talk
उद्भव – Stories of Indian Scientists | Gaatha Original
विज्ञान की हर खोज एक प्रश्न से शुरू होती है, और हर वैज्ञानिक की यात्रा एक जिज्ञासा से।
उद्भव भारत के उन वैज्ञानिकों की कहानियों की श्रृंखला है जिन्होंने सीमित संसाधनों, सामाजिक चुनौतियों और अनगिनत असफलताओं के बीच ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के नए रास्ते बनाए।
यह सीरीज़ हमें प्रयोगशालाओं के भीतर ही नहीं, बल्कि उन मानवीय संघर्षों, संकल्प और सपनों के करीब ले जाती है जो हर खोज के पीछे छुपे होते हैं।
यहाँ आप सुनेंगे— किसी का बचपन, किसी की असफल प्रयोगशालाएँ, किसी का समाज से टकराव,
और अंततः उस क्षण की कहानी जब विचार ने खोज का रूप लिया।
उद्भव केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों की गाथा नहीं है—
यह सोचने, सवाल करने और कभी न रुकने की प्रेरणा है।
🎧 सुनिए उन दिमाग़ों की कहानियाँ जिन्होंने भारत के भविष्य की नींव रखी।
उद्भव – Stories of Indian Scientists | Gaatha
चुडैल – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
एक अविवाहित स्त्री का मां बनना और बच्चा जन्म लेना, उसके चरित्र हीनता की निशानी है।इस कहानी की नायिका अविवाहित है और अपने जन्मे बच्चे के साथ जाने-अनजाने अत्याचार करती है। समाज़ में अपने जीवन-यापन के लिए वह किस तरीके से पाप के गर्त में गिरती चली जाती है और समाज़ उसे चुड़ैल का नाम देता है।एक पुरुष प्रधान समाज़ में ऐसी एक नारी की क्या स्थिति होती है इस पर समाज़ से प्रश्न करती हुई फ्रेंच लेखक Guy de Maupassant की कहानी चुड़ैल ,जिसे भाव प्रधान आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने…
कहानी की नायिका ने एक मिशनरी स्कूल मैं अध्यापन कार्य शुरू किया है| मिशनरी स्कूल के नियम बहुत ही कठिन है ,फादर नियमों को ना मानने वालों के साथ कड़ा रवैया अपनाते हैं किंतु कहानी के अंत में फादर स्वयं बीमार हो जाते हैं |फादर की बीमारी की क्या वजह है आखिर क्या हुआ था उनके साथ? मन्नू भंडारी की कहानी ईसा के घर इंसान सुनते हैं आरती श्रीवास्तव जी की आवाज में
Reviews for: Story of Krishna M. Ella | The Man Behind Covaxin