उपनिषदों की कथाएं अनादि काल से हमारे मनोरंजन और ज्ञान का स्रोत रही है। जो बातें वेदों में जटिलता से कही गयी है उन्हें उपनिषदों में सरल ढंग से समझाया गया है। उपनिषदों में देवता-दानव, ऋषि-मुनि, पशु-पक्षी, पृथ्वी, प्रकृति, चर-अचर, सभी को माध्यम बना कर रोचक और प्रेरणादायक कथाओं की रचना की गयी है।
कहानी बृहस्पति देव के बेटे कच की है, जो शंकराचार्य के पास अमर जीवन का रहस्य प्राप्त कर स्वर्ग-लोक को जाने के लिए तैयार हैं |जाने से पहले गुरु पुत्री उसकी तथा देवयानी से भेंट करने के लिए आता है, किंतु देवयानी कच को समझाने का प्रयत्न करती है कि संसार में यह मिथ्या होगा कि केवल शिक्षा का मूल है परंतु प्रेम का कोई मूल्य नहीं है | क्या वह देवयानी के प्रेम का उपहास करता है ? क्या वह नारी हृदय की वेदना को समझ पाता है? क्या वह प्रेम के मूल्य को समझ पाता है ? इसे जानने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी प्रेम का मूल्य ,शिवानी आनंद की आवाज में…
गिन्नी – Rabindranath Thakur (रबीन्द्रनाथ ठाकुर) – Shivani Anand (शिवानी आनंद)
कहानी एक शिक्षक और एक शिष्य की है ।शिक्षक शिवनाथ पंडित बेहद कड़क किस्म के अध्यापक हैं जो अपने शिष्यों को शारीरिक दंड के साथ-साथ अपने तीखे वाक्यों से भी घायल कर देते हैं ।कक्षा का सबसे सरल और सीधा बालक आशु के साथ भी कुछ ऐसा घटित होता है जो उसके अबोध मन में हमेशा के लिए छाप छोड़ जाता है। क्या है वह घटना ?जानने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ टैगोर के द्वारा लिखी गई कहानी गिन्नी, शिवानी आनंद की आवाज़ में
कीचक, विराट नरेश का साला था| अज्ञातवास के समय पांडू पुत्रों ने विराट की राजधानी में निवास किया था |उनके साथ उनकी पत्नी द्रौपदी भी थी |ऐसे में कीचक की कामुक दृष्टि द्रौपदी के ऊपर पड़ी| द्रौपदी ने इस बात को भाँप लिया अब कीचक को किस प्रकार इस बात का दंड मिला? महाभारत की कहानियों में से एक कहानी कीचक का वध के पूरे प्रसंग को सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में …
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