पांचों पांडवों का जन्म किस प्रकार हुआ ?एक बहुत ही रोचक प्रसंग है |पांडवों की मां कुंती के द्वारा पांचों पांडवों का जन्म किसके आशीर्वाद से हुआ और इसके पीछे क्या घटना छुपी हुई है ?इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी पांडव कौन थे शिवानी आनंद की आवाज में…
समय द्वारा अपने मनोरंजन के लिए वायु. जल, अग्नि और कई प्रकार के जीवों के उपरांत मनुष्य के बनाए जाने की कथा।
कहानी मकड़ी आपको एहसास दिलाएगी इंसान किस प्रकार बाह्यआडंबर जालके में फंसता चला जाता है| जिस से निकल पाना कितना कठिन होता है |जानने के लिए सुनते हैं सुभाष नीरव द्वारा लिखी गई कहानी मकड़ी ,शिवानी आनंद की आवाज में
शल्य पर्व में कर्ण की मृत्यु के पश्चात कृपाचार्य द्वारा सन्धि के लिए दुर्योधन को समझाना, सेनापति पद पर शल्य का अभिषेक, मद्रराज शल्य का अदभुत पराक्रम, युधिष्ठिर द्वारा शल्य और उनके भाई का वध, सहदेव द्वारा शकुनि का वध, बची हुई सेना के साथ दुर्योधन का पलायन, दुर्योधन का ह्रद में प्रवेश, व्याधों द्वारा जानकारी मिलने पर युधिष्ठिर का ह्रद पर जाना, युधिष्ठिर का दुर्योधन से संवाद, श्रीकृष्ण और बलराम का भी वहाँ पहुँचना, दुर्योधन के साथ भीम का वाग्युद्ध और गदा युद्ध और दुर्योधन का धराशायी होना, क्रुद्ध बलराम को श्री कृष्ण द्वारा समझाया जाना, दुर्योधन का विलाप और सेनापति पद पर अश्वत्थामा का अभिषेक आदि वर्णित है। महाभारत की कहानियों में से एक कहानी शल्य पर्व में. जिसे सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
एक युवक एक राजकुमारी से प्रेम करता है और विवाह करना चाहता है किंतु राजकुमारी का विवाह उसी से हो सकता है जो खोलते हुए तेल से सकुशल लौट आए| इस बात से हताश युवक की राजा विक्रमादित्य किस प्रकार मदद करते हैं पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी सिंहासन बत्तीसी-दसवीं पुतली – प्रभावती
पांडवों को मृत समझकर दुर्योधन को हस्तिनापुर का युवराज घोषित कर दिया गया, तत्पश्चात पांडवों के जीवित होने का पता चला | युद्ध में के संकट से बचने हेतु कौरवों द्वारा खंडहर स्वरूप खांडव वन उन्हें आधे राज्य के रूप में दे दिया गया| किंतु किस प्रकार पांडवों के द्वारा वैभव से परिपूर्ण इंद्रप्रस्थ राज्य की स्थापना हुई ?यह एक रोचक घटना है| इस प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी इंद्रप्रस्थ की स्थापना, शिवानी आनंद की आवाज में…
पखेरू वन में जंगल के राजा मोर द्वारा घोंसला बनाओ प्रतियोगिता आयोजित की जाती है कालू कौवा आलस के कारण जैसे -तैसे एक घोंसला बनाता है जब उसे एहसास होता है कि बाकी पक्षियों के घोंसले उससे कहीं ज्यादा सुंदर है तो वह उन्हें नुकसान पहुंचाने का उपाय सोचता है लेकिन क्या यह उसकी चाल सफल हो पाएगी क्या उसे इस अपराध के लिए दंड मिलेगा माधवी गुप्ता द्वारा लिखी गई कहानी घोसले की कहानी कौवे की जुबानी सुनते हैं नयनी दीक्षित दीक्षित की आवाज में
देव शक्ति नाम के राजा के एक पुत्र के पेट में एक साँप चला जाता है और वह उसी के पेट में अपना बिल बना लेता है |जिस कारण राजकुमार का शरीर प्रतिदिन अस्वस्थ होता जा रहा है अब आगे क्या होता है राजकुमार के साथ ?पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सांपों की कथा ,सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
महाभारत की कहानियों में से एक कहानी है “अश्वत्थामा और अर्जुन का युद्ध “ | महाभारत के युद्ध में एक ऐसा भी समय आया जब अर्जुन ,अश्वत्थामा के आगे निष्प्रभावशाली दिखाई दिए | इस प्रसंग का पूरा वर्णन सुनते हैं, शिवानी आनंद की आवाज में |
शल्य पर्व में कर्ण की मृत्यु के पश्चात कृपाचार्य द्वारा सन्धि के लिए दुर्योधन को समझाना, सेनापति पद पर शल्य का अभिषेक, मद्रराज शल्य का अदभुत पराक्रम, युधिष्ठिर द्वारा शल्य और उनके भाई का वध, सहदेव द्वारा शकुनि का वध, बची हुई सेना के साथ दुर्योधन का पलायन, दुर्योधन का ह्रद में प्रवेश, व्याधों द्वारा जानकारी मिलने पर युधिष्ठिर का ह्रद पर जाना, युधिष्ठिर का दुर्योधन से संवाद, श्रीकृष्ण और बलराम का भी वहाँ पहुँचना, दुर्योधन के साथ भीम का वाग्युद्ध और गदा युद्ध और दुर्योधन का धराशायी होना, क्रुद्ध बलराम को श्री कृष्ण द्वारा समझाया जाना, दुर्योधन का विलाप और सेनापति पद पर अश्वत्थामा का अभिषेक आदि वर्णित है|इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानीशल्य पर्व ,शिवानी आनंद की आवाज में…
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