हिंदुस्तान- पाकिस्तान बंटवारे में हुए दंगों के समय रफ़ीकुद्दीन और देविन्दरलाल मित्र होते हैं |देविन्दरलाल रफ़ीकुद्दीन के यहां शरण लेता है | देविन्दरलाल को जब यह लगता है कि उसकी वजह से रफ़ीकुद्दीन की जान खतरे में है तो है उसका घर छोड़ देता है और देविन्दरलाल अत्ताउल्लाह के अहाते में शरण लेता है | क्या वास्तव में यह शरणदाता उसके जीवन की रक्षा करता है क्या देविन्दरलाल जी का जीवन वहां वास्तव में सुरक्षित है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं अज्ञेय द्वारा लिखी गई कहानी शरणदाता सुमन वैध्य की आवाज में
हिंदू मुसलमानों में जब तनाव की स्थिति आई थी तो बदले की आड़ में इसका खामियाजा बड़ी संख्या में उनकी बहू बेटियों को करना पड़ा यह कहानी एक ऐसे सिख शरणार्थी की है जो ट्रेन में बैठी एक मुस्लिम युवती का संरक्षण करता है
हरसिंगार एक अनाथालय में जीवन बिता रहे एक युवक गोविंद की कहानी है| जिसे एक घटना के पश्चात ये एहसास होता है कि उसके अनाथ जीवन में कभी उसे पूर्णता का एहसास नहीं होगा |ऐसा गोविंद क्यों सोच रहा है? इसको जानते हैं अज्ञेय जी की लिखी कहानी हरसिंगार में सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी का नायक शेखर अपने मां के मृत्यु का समाचार प्राप्त करके दुखी है| शेखर के मानसिक व्यथा को जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी दुख और तितलियां ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी चिड़िया घर में चिड़ियाघर की वास्तविकता को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है |कहानी जान ने के लिए अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी चिड़ियाघर,सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी एक वृद्ध खिलौने वाले गंगाधर की है| आज गृहत्याग करने की इच्छा से जाने लगता है |तब उसे गृहस्वामी की छोटी बेटी कनक रोक लेना चाहती है |गंगाधर मासूम कनक को अपनी पूरे जीवन गाथा सुनाता है क्या आज गंगाधर उस मासूम के मोह में आकर अपने गृह त्याग का विचार ध्यान देगा त्याग देगा| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी गृहत्याग , सुमन वैद्य की आवाज में
मंगल भंगी भूँगी दाई का बेटा है ,जबकि सुरेश जमीदार बाबू महेशनाथ का बेटा है |एक समय भूँगी ने अपने बेटे मंगल से ज्यादा सुरेश को अपना दूध पिला कर उसकी देखभाल की, किंतु क्या भूँगी की मृत्यु के बाद मंगल को जमीदार महेश नाथ के यहां से अपनी मां द्वारा सुरेश को पिलाया दूध का दाम मिल पाता है या फिर उसे एक अछूत के रूप में देखा जाता है| प्रेमचंद जी की बेहद भावपूर्ण कहानी है दूध का दाम, जिसे आवाज दी है सुमन वैद्य जी ने
हिंदुस्तान पाकिस्तान बंटवारे के बाद जो कि अमृतसर जा रही है कुछ मुसाफिर जिसमें तीन पठान, सरदार ,बाबू बैठे हुए हैं एक बुढ़िया बैठी हुई है वजीराबाद स्टेशन में हलचल होने लगती है जैसे कहीं दंगा हुआ हूं पठान चढ़े हुए मुसाफिरों के साथ बदसलूकी करने लगता है बाकी यात्री में बैठे हुए हैं अमृतसर पहुंचती है पठानों से बदला लेने लगता है किस लिए ऐसा क्या कारण है इसके पीछे
कहानी का नायक शेखर अपने मां के मृत्यु का समाचार प्राप्त करके दुखी है| शेखर के मानसिक व्यथा को जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी दुख और तितलियां ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी एक वृद्ध खिलौने वाले गंगाधर की है| आज गृहत्याग करने की इच्छा से जाने लगता है |तब उसे गृहस्वामी की छोटी बेटी कनक रोक लेना चाहती है |गंगाधर मासूम कनक को अपनी पूरे जीवन गाथा सुनाता है क्या आज गंगाधर उस मासूम के मोह में आकर अपने गृह त्याग का विचार ध्यान देगा त्याग देगा| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी गृहत्याग , सुमन वैद्य की आवाज में
हीरा और मोती नाम के दो बैलों की कहानी है दोनों एक साथ रहते हैं और एक दूसरे के बहुत अच्छे मित्र हैं झूरी उनका मालिक है झूरी का साला इन दोनों बैलों को अपने साथ ले जाता है वहां जमकर काम करवाता है और खाने को कुछ भी नहीं देता है दोनों बैल वहां से भाग जाते हैं यहां से शुरू हो जाती है उनके संघर्ष की कहानी क्या फिर से अपने मालिक के पास पहुंच पाते हैं उनके साथ क्या होता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी दो बैलों की कथा सुमन वैद्य जी की आवाज में
आरव- 16 वर्ष का किशोर है |बचपन से आरव-अपनी नानी के साथ अकेले रह रहा है| अरब के मां-बाप दोनों नहीं है आरव नितांत अपने आप को अकेला महसूस करता है| ऐसे में उसकी मुलाकात रूही से हो जाती है | दोनों में गहरी दोस्ती होती है अब आगे क्या होगा अरब और रूही की दोस्ती किस हद तक बढ़ेगी |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं दोस्ती वाला लव, निधि मिश्रा की आवाज में . .
कहानी एक अनोखे चोर की है| गांव वाले चोर को पकड़ लेते हैं |उसके पास से एक पुरानी गीली धोती, लगभग दो सेर चने और एक पीतल का लोटा मिलता है |फिर भी गांव वाले उसे थाने ले जाते हैं| नरायन चोर को भाग जाने के लिए कहता भी है| किंतु चोर नहीं भागता | क्या है इसके पीछे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं एक चोर की कहानी ,निधि मिश्रा की आवाज में
यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो अपनी बाल विधवा पड़ोसन से प्रेम तो करता है किंतु समाज और अन्य भय से कह नहीं पाता। वहीं उसका एक मित्र जो कि उसी से कविताएं सीखने आता है, उसी की लिखी कविताएं सुनाकर उसकी पड़ोसन से प्रेम विवाह कर लेता है।
यह लड़की अपने पिता की मूर्खता, दहेज बचाने के लालच की यातना में, अपने पति से प्यार की याचना में ऐसे रोए जा रही थी, निःशब्द गोया किसी छलनी से आटा गिरा जा रहा हो, झर-झर, झर-झर। उसे कोई राह नहीं मिल रही थी। जानते- बुझते एक पिता अपनी एक बेटी की शादी पहले से शादीशुदा व्यक्ति से करा देता है किंतु अब वह उससे तलाक भी दिलवाना चाहता है ,पर लड़की इस बात के लिए राजी नहीं होती |कहानी में दोनों पक्षों की जिरह को संवादित किया गया है | सारी परिस्थितियों को जानने और समझने के लिए सुनते हैं कहानी संगम के शहर की लड़की
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